
बिटकॉइन लगातार खबरों में बना हुआ है. डिजिटल करेंसी में एक तरफ हर दिन नए शिखर बन रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सरकार की तरफ से क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी को लेकर भी खबरों का बाजार गर्म है. अब न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि भारत में बिटकॉइन समेत सारी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध की तैयारी पूरी हो चुकी है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 15 मार्च को क्रिप्टोकरेंसी पर बन रहे नए कानून से जुड़ी खबर रखने वाले करीबी सूत्र के हवाले से बताया कि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी को रखने, जारी करने, माइन करने, इसमें व्यापार तथा इसके हस्तांतरण को क्रिमिनल गतिविधि बनाने के लिए कानून लाने वाली है. खबर के मुताबिक यह प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में है. अगर ऐसा कानून आता है तो बिटकॉइन और बाकी क्रिप्टो निवेशकों को कानून में तय की जाने वाली सजा हो सकती है.
बिटकॉइन और इस तरह की अन्य डिजिटल करेंसी पर प्रतिबंध लगाए जाने की निवेशकों को पहले से आशंका थी. हालांकि, हाल में सरकार की तरफ से दिए गए बयानों से इन्वेस्टर्स को थोड़ी राहत भी मिली.
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी ने 6 मार्च को क्रिप्टोकरेंसी पर कहा था कि 'हमें नए आइडिया को खुले दिमाग से बढ़ावा देना चाहिए.'
निर्मला सीतारमण ने CNBC-TV18 से बातचीत में यह भी कहा कि सरकार डिजिटल वर्ल्ड और क्रिप्टोकरेंसी में संभव प्रयोग के विकल्पों को भी देख रही है.
अनुमान के मुताबिक वर्तमान में भारत में करीब 80 लाख लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं. निवेश की कुल वैल्यू 100 अरब रुपये के करीब हो सकती है. खबर के मुताबिक ऐसे निवेशकों को प्रतिबंध के बाद क्रिप्टोकरेंसी निवेश से निकलने के लिए 6 महीनों का समय दिया जा सकता है. इससे पहले ब्लूमबर्ग क्विंट ने भी अपनी फरवरी की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था. इस समय सीमा में निवेश से नहीं निकलने पर इन्वेस्टर्स पर जुर्माना लगाया जाएगा.
जेल संबंधी प्रावधानों पर सूत्र द्वारा कोई टिप्पणी नहीं की गई है. इस पर स्थिति कानून के पब्लिक में आने पर ही साफ हो पाएगी. हालांकि 2019 में इसको लेकर बने सरकारी पैनल ने क्रिप्टोकरेंसी में व्यापार करने वालों के लिए 10 वर्ष तक के जेल की बात सुझाई थी. ऐसे में निवेशकों में इसको लेकर भय भी स्वाभाविक है.
जेबपे के पूर्व CEO और एंजेल इन्वेस्टर अजीत खुराना ने क्विंट से बातचीत में कहा कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की तरह ही भविष्य के तौर पर प्रतीत होती है.
पहले उम्मीद की जा रही थी कि भारत सरकार आने वाले दिनों में बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए बजट सत्र में ही 'क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ डिजिटल ऑफिशियल करेंसी बिल, 2021' ला सकती है. हालांकि इसकी वर्तमान स्थिति को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है.
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