Bitcoin पर लग सकता है बैन, जेल का भी प्रावधान? एक्सपर्ट से जानिए

सरकार क्रिप्टोकरेंसियों में प्रयुक्त ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहती है.
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Government to ban all cryptocurrencies including bitcoin | (फोटो: Reuters)  
Government to ban all cryptocurrencies including bitcoin

बिटकॉइन लगातार खबरों में बना हुआ है. डिजिटल करेंसी में एक तरफ हर दिन नए शिखर बन रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सरकार की तरफ से क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी को लेकर भी खबरों का बाजार गर्म है. अब न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि भारत में बिटकॉइन समेत सारी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध की तैयारी पूरी हो चुकी है.

क्या है खबर?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 15 मार्च को क्रिप्टोकरेंसी पर बन रहे नए कानून से जुड़ी खबर रखने वाले करीबी सूत्र के हवाले से बताया कि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी को रखने, जारी करने, माइन करने, इसमें व्यापार तथा इसके हस्तांतरण को क्रिमिनल गतिविधि बनाने के लिए कानून लाने वाली है. खबर के मुताबिक यह प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में है. अगर ऐसा कानून आता है तो बिटकॉइन और बाकी क्रिप्टो निवेशकों को कानून में तय की जाने वाली सजा हो सकती है.

ऐसी स्थिति में भारत क्रिप्टोकरेंसी को अवैध बनाने वाला पहला बड़ा देश बन जाएगा.

सरकार की तरफ से क्या हैं संकेत?

बिटकॉइन और इस तरह की अन्य डिजिटल करेंसी पर प्रतिबंध लगाए जाने की निवेशकों को पहले से आशंका थी. हालांकि, हाल में सरकार की तरफ से दिए गए बयानों से इन्वेस्टर्स को थोड़ी राहत भी मिली.

सरकार क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन या फिनटेक के लिए सारे रास्ते नहीं बंद कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी के बारे में बात की है. RBI अपनी तरफ से ऑफिशियल डिजिटल करेंसी पर विचार कर सकता है. हमारी तरफ से यह स्पष्ट है कि हम सारे रास्ते नहीं बंद कर रहे.
निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री, इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी ने 6 मार्च को क्रिप्टोकरेंसी पर कहा था कि 'हमें नए आइडिया को खुले दिमाग से बढ़ावा देना चाहिए.'

निर्मला सीतारमण ने CNBC-TV18 से बातचीत में यह भी कहा कि सरकार डिजिटल वर्ल्ड और क्रिप्टोकरेंसी में संभव प्रयोग के विकल्पों को भी देख रही है.

RBI समेत विश्व के कई केंद्रीय बैंकों ने अपनी डिजिटल करेंसी लाने के संकेत दिए हैं. ऐसी मुद्राओं को सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) कहा जा रहा है.

वर्तमान निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?

अनुमान के मुताबिक वर्तमान में भारत में करीब 80 लाख लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं. निवेश की कुल वैल्यू 100 अरब रुपये के करीब हो सकती है. खबर के मुताबिक ऐसे निवेशकों को प्रतिबंध के बाद क्रिप्टोकरेंसी निवेश से निकलने के लिए 6 महीनों का समय दिया जा सकता है. इससे पहले ब्लूमबर्ग क्विंट ने भी अपनी फरवरी की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था. इस समय सीमा में निवेश से नहीं निकलने पर इन्वेस्टर्स पर जुर्माना लगाया जाएगा.

2018 में RBI के बैंकों को निर्देश से भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश लगभग रुक गया था. हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने मार्च 2020 में RBI के सर्कुलर को खारिज कर दिया जिससे निवेशकों के लिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का रास्ता फिर खुल गया.

जेल भेजने का भी प्रावधान?

जेल संबंधी प्रावधानों पर सूत्र द्वारा कोई टिप्पणी नहीं की गई है. इस पर स्थिति कानून के पब्लिक में आने पर ही साफ हो पाएगी. हालांकि 2019 में इसको लेकर बने सरकारी पैनल ने क्रिप्टोकरेंसी में व्यापार करने वालों के लिए 10 वर्ष तक के जेल की बात सुझाई थी. ऐसे में निवेशकों में इसको लेकर भय भी स्वाभाविक है.

विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार भले ही बिटकॉइन एवं अन्य क्रिप्टोकरेंसियों पर प्रतिबंध लगाने जा रही हो, लेकिन सरकार इसमें इस्तेमाल होने वाली ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहती है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

जेबपे के पूर्व CEO और एंजेल इन्वेस्टर अजीत खुराना ने क्विंट से बातचीत में कहा कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की तरह ही भविष्य के तौर पर प्रतीत होती है.

<b>30 वर्ष पहले जैसे इंटरनेट नया था उसी तरह अभी क्रिप्टो टेक्नोलॉजी तुलनात्मक तौर पर नई है. IT कंपनियों को सही सहायता से हम इंफोसिस, TCS जैसी अग्रणी कंपनियां खड़ी कर पाए हैं. अगर हम चाहे तो बिटकॉइन के मामले में भी ऐसा कमाल हो सकता है. हर कंपनी, छोटा से छोटा प्लेटफार्म रोजगार सृजन में अहम हो सकता है. हमें इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए.</b>
अजीत खुराना, पूर्व CEO जेबपे और एंजेल इन्वेस्टर

कब होगी स्थिति साफ?

पहले उम्मीद की जा रही थी कि भारत सरकार आने वाले दिनों में बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए बजट सत्र में ही 'क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ डिजिटल ऑफिशियल करेंसी बिल, 2021' ला सकती है. हालांकि इसकी वर्तमान स्थिति को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं है.

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