advertisement
वैक्सीन स्टॉक की कमी के कारण मुंबई में टीकाकरण मुहिम को ब्रेक लग गया है. बीएमसी ने दी जानकारी के मुताबिक अगले तीन दिनों तक यानी 2 मई तक टीकाकरण रोक दिया गया है. जिसके चलते 1 मई को देशभर में 18 से 45 साल के लोगों के लिए शुरू होने जा रही टीकाकरण में मुंबई शामिल नहीं हो पाएगी.
लेकिन बंद हुए टीकाकरण की वजह से लोगों मे काफी भ्रम और भय का माहौल है. मुंबई के दादर इलाके में रहने वाले सागर जैसवाल के माता-पिता ने मार्च 2021 में पहला डोज लिया था. अब दूसरा डोज पाने के लिए कोशिश कर रहे हैं. सागर ने बताया कि,
वहीं जिनका रजिस्ट्रेशन हो गया था, उन्हें केंद्र पर कम से तीन घंटो तक लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है. मुलुंड में रहने वालीं श्रद्धा जगताप पेशे से टीचर हैं. उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर की तौर पर पिछले महीने में पहला डोज दिया गया था. लेकिन कल चार घंटे कतार में लगने के बावजूद उन्हें टीका देने से मना कर दिया गया.
इस तरह की चिंता मुंबई के घर-घर से सुनी जा सकती है. ऐसे में हम वैक्सीन लगवाने के इंतजार में परेशान लोगों के मन में उठ रहे हर सवाल का जवाब आपको दे रहे हैं.
1 मई के बाद क्या वैक्सीनेशन सेंटर पर भीड़ बढ़ेगी ?
मुंबई के 63 सरकारी और महानगर पालिका के टीकाकरण केंद्र पर 18 से 44 उम्र के लोगों को वैक्सीन नहीं दिया जाएगा. यहां सिर्फ 45 और उससे ज्यादा उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन होगा. जबकि 73 निजी केंद्रों पर 18 से 44 के लोगों का रजिस्ट्रेशन के बाद टीका लगेगा. इसके अलावा मुंबई के 227 वार्ड में वैक्सीनेशन सेंटर खोले जाएंगे.
क्या 45 से ज्यादा उम्र के लोगों को रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा?
तीन दिनों के बाद 2 मई को शुरू होने जा रहे वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा. लेकिन अगर दूसरा डोज लेने वाला 45 उम्र से ज्यादा का व्यक्ति उसी केंद्र पर आता है जहां उसने पहला डोज लिया था, तो उसे रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी.
क्या अगले तीन दिनों के लिए सरकारी वैक्सीनेशन केंद्र के साथ निजी केंद्र भी बंद हैं?
वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने के कारण बीएमसी ने सरकारी केंद्र के साथ निजी केंद्र भी बंद करने का निर्णय लिया है.
क्या 18 से 44 उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू होने के बाद 45 से ज्यादा उम्र की लोगो को वैक्सीन नही मिलेगी?
18 से 44 उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद भी सरकारी या निजी केंद्र में 45 से ज्यादा उम्र के लोगों को ही वैक्सीन के लिए प्राथमिकता मिलेगी. बुजुर्ग व्यक्तियों को वैक्सीन मिलने में कोई कमी नहीं होगी.
दूसरा डोज लेने में देरी हुई तो क्या उसका असर होगा?
बीएमसी की तरफ से एडिशनल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने ट्वीट कर बताया है कि दूसरे डोज में कुछ दिनों की देरी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. वैक्सीन का स्टॉक आते ही दूसरे डोज लेने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी.
हालांकि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ने 2 से 3 लाख डोज मुहैया कराने का ऑर्डर ले लिया है लेकिन मास वैक्सीनेशन के लिए कम से कम 25 से 30 लाख डोज की जरूरत होगी. ऐसे में बड़ी खेप आने पर वैक्सीनेशन मुहिम बड़े पैमाने पर शुरू की जाएगी.
(क्विंट हिन्दी, हर मुद्दे पर बनता आपकी आवाज, करता है सवाल. आज ही मेंबर बनें और हमारी पत्रकारिता को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाएं.)