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हैरानी की बात है कि छपरा के जयप्रकाश विश्वविद्यालय में बीए- पार्ट-2 के दौरान सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए थे. लेकिन फिर भी छात्र और छात्राएं धड़ल्ले से एक दूसरे की कॉपी करते नजर आए. अबतक मिली खबर के मुताबिक वहां मौजूद टीचरों का इसपर कोई रिएक्शन नहीं आया है. साफ है कि बगैर यूनिवर्सिटी प्रशासन के मिलीभगत से इतनी बेफिक्री से स्टूडेंट्स चोरी में मशगूल नहीं हो सकते.
तमाम न्यूज एजेंसियों के हवाले से ये खबर आ रही है कि स्टूडेंट्स न सिर्फ बगल में बैठे दूसरे छात्रों से कॉपी कर रहे थे बल्कि किताब खोलकर भी नकल करते देखे गए और टीचर भी उनकी मदद करते पाए गए.
बिहार की इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं की असलियत देश के सामने आए अभी कुछ ही वक्त हुआ है, इस के बाद बिहार में नकल के ठेकेदारों के खिलाफ बड़ा अभियान भी छेड़ा गया बावजूद इसके बिहार के स्कूल कालेजों में नकल का खेल जारी है. 2015 में भी नकल की कई वारदातें देशभर में चर्चा का विषय बनी थीं.
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