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कोटा में हुई 100 से ज्यादा बच्चों की मौत पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान दिया है. अशोक गहलोत ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. बता दें कि कोटा से लगातार नवजात बच्चों की मौत की खबरें आ रही हैं और ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं.
अशोक गहलोत ने आगे कहा-
इसके अलावा अशोक गहलोत ने कहा है कि बच्चों के मरने की संख्या पिछले 5-6 सालों में सबसे कम है. सारी मेडिकल सुविधाएं दुरुस्त हैं. हम कोशिश कर रहे हैं कि नवजात बच्चों और मां की मृत्यु दर में कमी आए.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने 2 जनवरी को कहा कि उन्होंने राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है. उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर इस मामले पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है.
डॉ हर्षवर्धन ने लिखा कि-
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोटा में बच्चों की मौत पर केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान सरकार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है
कोटा के जे.के. लोन सरकारी अस्पताल में एक महीने के अंदर 100 शिशुओं की मौत हो गई है, जिससे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई है और उन पर सवाल उठने लगे हैं. दिसंबर के आखिरी दो दिनों में इस अस्पताल में कम से कम नौ शिशुओं की मौत हो गई.
इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, "जे.के. लोन अस्पताल कोटा में बीमार शिशुओं की मौत पर सरकार संवेदनशील है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. कोटा के इस अस्पताल में शिशु मृत्यु दर लगातार कम हो रही है. हम कोशिश करेंगे कि इसे और कम करें. माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है."
नवजात बच्चों की मौत के मामले में कोटा से सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने राजस्थान सरकार से फौरन कार्रवाई करने करने को कहा है.
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