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दिल्ली में जरूरी चीजों की गतिविधियों को छोड़कर लोगों की आवाजाही पर कर्फ्यू को 7 जून सुबह 5 बजे के लिए बढ़ा दिया गया है. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए दिल्ली में 19 अप्रैल से कर्फ्यू लगाया गया है, जो हफ्ते दर हफ्ते बढ़ाया जा रहा है. दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की तरफ से जारी आदेश में लिखा है कि नए केसों की संख्या में कमी आई है लेकिन ट्रांसमिशन चेन को रोकने के लिए कर्फ्यू को बढ़ाए जाने की जरूरत है.
ये भी कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन के इंडस्ट्रियल एक्टिविटी को छूट होगी.
स्वीकृत औद्योगिक क्षेत्रों में बंद परिसरों के भीतर मैन्युफेक्चरिंग/ प्रोडक्शन की इजाजत होगी. इन यूनिट्स में काम करने वाले कर्मचारियों को भी आवाजाही की अनुमति होगी.
अब इन औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और इनके मालिकों को कोरोना से जुड़े नियम मानने होंगे. जैसे बिना लक्षण वाले कर्मचारियों को ही परिसर के अंदर बुलाना होगा. कोविड प्रोटोकॉल का पालन परिसर के अंदर सख्ती से करना होगा. थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड वॉश, सैनेटाइजर की व्यवस्था करनी होगी. पूरे परिसर के सैनिटाइजेश को समय समय पर कराना होगा.
जिलों के जिलाधिकारियों को ये निर्देश दिया गया है कि ऐसे मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स में रैंडम RTPCR/ RAT टेस्टिंग कराई जाए. और दूसरे अधिकारी समय-समय पर इन यूनिट्स का निरीक्षण करें.
दिल्ली में कोरोना के कम होते मामलों के साथ ही सामान्य व्यवसायिक गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत भी दी जाएगी. फिलहाल सामान्य व्यवसायिक गतिविधियों के लिए लॉकडाउन समाप्त नहीं किया गया है. दिल्ली में केवल निर्माण संबंधी गतिविधियों एवं फैक्ट्रियों को चलाने की इजाजत दी गई है. लॉकडाउन खोलने के संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शुक्रवार को हमने घोषणा की थी कि निर्माण गतिविधियां और इंडस्ट्री खुल सकती हैं. क्योंकि सबसे गरीब तबका यहीं पर काम करता है. लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा गरीब लोगों को ही दिक्कत होती है.
सीएम का कहना है कि हम चाहते हैं कि आर्थिक गतिविधियां वापस पटरी पर आएं, ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके. जैसे-जैसे कोरोना की स्थिति सुधार रही है, मजदूर वापस दिल्ली वापस लौट रहे हैं.
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