सुप्रीम कोर्ट 8 अप्रैल को महाराष्ट्र सरकार और राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करेगा. दरअसल, महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृहमंत्री देशमुख ने पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 8 अप्रैल को सुनवाई करेगा.
न्यायाधीश संजय किशन कौल और हेमंत गुप्ता की एक पीठ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी की खंडपीठ ने सोमवार को सीबीआई से कहा था कि वह पिछले महीने पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त की ओर से जारी 'लेटर बम' में उठाए गए मुद्दों पर 15 दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करे. फैसले के कुछ ही घंटे बाद देशमुख ने अपना पद छोड़ दिया था.
हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा था कि सीबीआई को तुरंत FIR दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पहले ही एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है.
मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा, "एक उच्चस्तरीय समिति के लिए राज्य सरकार लाया गया सरकारी प्रस्ताव हमें विश्वास दिलाता है कि इसमें कोई हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है."
बता दें कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने 25 मार्च को बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में देशमुख के खिलाफ CBI जांच की मांग की थी. परम बीर सिंह ने दावा किया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे समेत अन्य अधिकारियों से विभिन्न बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा था. इस याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा था कि यह असाधारण मामला है, जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत है.
(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)
Published: undefined