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आपको जानकर आश्चर्य होगा कि विदेश में भी बिहार दिवस मनाया जाता है. स्कॉटलैंड के पूर्वी आयरशायर में पटना नाम का एक छोटा शहर है. वहां बिहार की राजधानी पटना के साथ उसके ऐतिहासिक संबंधों को मनाने के लिए बिहार दिवस का अयोजन किया गया.
स्काॅटलैंड के किसान विलियम फुलर्टन ने उनके स्केलडन स्टेट और कोयले के खदानों में काम करने वाले लोगों को रहने की सुविधा मिले, इसलिए 1802 में एक छोटा सा शहर बसाया था. इसका नाम उन्होंने बिहार की राजधानी पटना के नाम पर रखा था. फुलर्टन का जन्म पटना में हुआ था. उन्होंने वहां काफी वक्त बिताया था.
फुलर्टन ने अपने पिता सर्जन विलियम फुलर्टन की याद में स्काॅटलैंड में पटना का निर्माण किया था. सर्जन ब्रिटिश इर्स्ट इंडिया कंपनी में थे और भारत में 1744 से 1766 तक अपनी सर्विस दी थी. इस दौरान स्थानीय इतिहासकारों, पेंटरों, कलाकारों और व्यापारियों से उनके अच्छे संपर्क बने थे.
स्काॅटलैंड में 17 मार्च को आयोजित बिहार दिवस कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर पहुंचे ब्रिटेन में भारत के अंबेसेडर वाई के सिन्हा ने कहा, ‘‘ पटना हमेशा से शिक्षा और व्यापार का अहम केंद्र रहा है .''
मूल रूप से बिहार के रहने वाले सिन्हा ने दोनो शहरों के बीच संबंध को और मजबूत करने के लिए सभी मदद देने का वादा किया. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत के निर्माण में पटना शहर की भूमिका के बारे में भी बात की.
इस कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिसमें छठ पूजा, समा चकेवा, तीज, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और गुरू गोविंद सिंह के बारे में जानकारी के अलावा बिहार के दूसरे बड़े पर्वों की झलक दिखायी गयी थी.
प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र को ही पटना के नाम से जाना जाता है. बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है. इसी दिन ब्रिटिश सरकार ने 1912 में बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग बिहार प्रदेश का गठन किया था.
(इनपुट भाषा से)
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