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वीडियो प्रोड्यूसर: शोहिनी बोस
वीडियो एडिटर: विवेक गुप्ता
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में बीजेपी नेता की हत्या ने इस केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी की पकड़ को मजबूत बनाने के प्लान पर पानी फेर दिया है. 8 जुलाई को, बीजेपी के बड़े नेता, शेख वसीम बरी की उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में हत्या कर दी गई थी. आतंकियों ने बरी के पिता और भाई को भी मार दिया था.
बांदीपोरा के बीजेपी जिलाध्यक्ष, अब्दुल रहमान ने क्विंट से कहा, 'हमारे कार्यकर्ता डरे हुए हैं.'
15 जुलाई को बीजेपी नेता और वाटरगाम म्यूनिसिपल कमेटी के उपाध्यक्ष मेहराजुद्दीन मल्ला के कथित अपहरण के बाद घाटी में नेताओं में डर और बढ़ गया है. पुलिस ने मल्ला को रेस्कयू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया.
जम्मू-कश्मीर पुलिस में सूत्रों के मुताबिक, वसीम की हत्या के बाद सैकड़ों पार्टी नेता, कार्यकर्ता और एक्टिविस्ट अपने घरों से भाग गए हैं.
सूत्रों ने बताया, "इनमें से कुछ को दक्षिण कश्मीर ले जाया गया है. उनपर किसी आतंकी हमले से बचाने के लिए पुलिस सुरक्षा वाले होटलों में रखा गया है."
पिछले साल बीजेपी ने कहा था कि आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में आतंकियों का खात्मा हो जाएगा. लेकिन इसके बाद से आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं. 2019 में 160 घटनाओं के मुकाबले, इस साल केवल शुरुआती छह महीनों में 143 आतंकी घटनाएं हुई हैं.
पार्टी ने जम्मू-कश्मीर सरकार से अपने कार्यकर्ताओं, नेताओं और उनके परिवारों को सुरक्षित आवास और सुरक्षा कवर प्रदान करने के लिए याचिका दाखिल की है.
तीन हत्याओं के बाद, बीजेपी नेता और जम्मू-कश्मीर इंचार्ज राम माधव और जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रायना ने वसीम बरी की पत्नी से बांदीपोरा में मुलाकात की. दोनों ने श्रीनगर में कश्मीरी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की.
बीजेपी कार्यकर्ता अशरफ रेशी ने कहा, "हम डर के माहौल में रह रहे हैं, सिर्फ कश्मीर में नहीं, बल्कि पूरे देश में. हम अपने घरों में नहीं रह सकते. वसीम की मौत के बाद, मैंने एक दोस्त और एक भाई खो दिया. हम सभी शॉक में हैं."
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