Bitcoin: रिकॉर्ड 60,555 डॉलर के स्तर पर बिटकॉइन, 1.32% का इजाफा

समझिए क्या होती है क्रिप्टोकरंसी?

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दुनिया भर में बहुत सारी क्रिप्टो-करेंसी प्रचलित हैं, जिनमें बिटकॉइन सबसे मशहूर है.
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शनिवार को बिटकॉइन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई. बिटकॉइन में 1.32 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज कई गई. अब इसकी कीमत 60,555.97 डॉलर हो गई है. पिछले 10 दिनों में दूसरी बार बिटकॉइन 60,000 डॉलर के पार पहुंचा है.

2020 में 4 जनवरी को बिटकॉइन की कीमत 27,734 डॉलर तक गिर गई थी. तब से अब तक इस क्रिप्टोकरंसी की कीमत में 118.3 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हो चुकी है. 18 मार्च के बाद 1 अप्रैल को बिटकॉइन ने 60,000 डॉलर कीमत की सीमा पार की थी.

वर्चुअल या क्रिप्टो करेंसी का मतलब क्या है ?

वर्चुअल या क्रिप्टो करेंसी एक तरह की डिजिटल करेंसी होती है, जिसे इनक्रिप्शन टेक्‍नोलॉजी की मदद से जेनरेट और रेगुलेट किया जाता है. इन करेंसी के क्रिएशन, निवेश, लेन-देन या फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया में भारतीय रिजर्व बैंक या किसी भी दूसरे देश के बैंकिंग रेगुलेटर की प्रभावी भूमिका नहीं होती है. इन करेंसी पर न तो किसी देश की मुहर होती है और न ही इनके भुगतान के लिए किसी तरह की सॉवरेन यानी सरकारी गारंटी होती है.

दुनियाभर में बहुत सारी क्रिप्टो-करेंसी प्रचलित हैं, जिनमें बिटकॉइन सबसे मशहूर है.

उदाहरण से समझिए

गोल्ड एक धातु है जिसकी अपनी वैल्यू होती है. डॉलर कितना महंगा या सस्ता होगा यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था की हालत पर निर्भर होता है.रुपए का वैल्यू हमारी अर्थव्यवस्था से जुड़ा है. पाउंड की सेहत यूके की अर्थव्यवस्था पर निर्भर जबकि येन का जापान की अर्थव्यवस्था पर. इसके अलग बिटकॉइन की कोई अपनी वैल्यू नहीं होती है. इसका इस्तेमाल सट्टेबाजी के लिए होता है, इसी आधार पर ही इसके दाम बढ़ते-घटते रहते हैं. ज्यादा सट्टेबाजी को ज्यादा उतार-चढ़ाव.

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