कोरोनावायरस ला सकता है आर्थिक ‘इमरजेंसी’,संकट से बचाएंगे ये 5 उपाय

कोरोनावायरस ला सकता है आर्थिक ‘इमरजेंसी’,संकट से बचाएंगे ये 5 उपाय

बिजनेस न्यूज

वीडियो एडिटर: मोहम्मद इब्राहिम

कोरोनावायरस एक हेल्थ इमरजेंसी के साथ ही आर्थिक इमरजेंसी की स्थिति पैदा कर रहा है. कारोबार बंद हो रहे हैं. काम रुक रहा है. मॉल, थियेटर, बाजार, सड़कें वीरान हो रही हैं. कुल मिलाकर आर्थिक मंदी और गहराने का डर है. ऐसे में आप आर्थिक इमरजेंसी में न फंस जाएं, इसके लिए जरूरी है कि कुछ ऐहतियात बरतें.

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पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट गौरव मशरूवाला के मुताबिक सबसे जरूरी है कि अपने पास कैश बनाए रखें. हर महीने आपका कितना खर्च है, उसका औसत निकालें. फिर तीन महीने के खर्चों की जो रकम हो, उसे अपने पास जमा रखें. और ये अभी तुरंत करने की जरूरत है. जब ये हो जाए तभी किसी निवेश या फिर लंबे समय की रणनीति पर काम करें.

गौरव मशरूवाला के मुताबिक ये कुछ चीजें हैं जो आपको कर लेना चाहिए:

इमरजेंसी के लिए इस तरह रहें तैयार
इमरजेंसी के लिए इस तरह रहें तैयार
(फोटो: श्रुति माथुर/क्विंट हिंदी)

हालांकि अब मांग उठने लगी है कि सरकार लोन और तमाम बिलों के भुगतान को लेकर लोगों को राहत दे. लेकिन फिलहाल ऐसा कोई फैसला हुआ नहीं है. ऐसे में अपनी सावधानी ही सही है.

“कोरोनावायरस के चलते डिमांड की समस्या काफी बढ़ गई है. भारत में कर्मचारियों की छंटनी हो रही हैं. तो ऐसे में कैसे ये कर्मचारी और अपंग हो चुके बिजनेस बैंक लोन चुका पाएंगे? भारत को इस साल के अंत तक सभी बैंक लोन के प्रिंसिपल और ब्याज के भुगतान को रद्द करने की जरूरत है.”
सुब्रमण्यम स्वामी, बीजेपी सांसद

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कोरोनावायरस का भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर

सरकार को उम्मीद है कि कोरोनावायरस का भारतीय इकनॉमी पर असर नहीं पड़ेगा लेकिन दूसरे आकलन कुछ और ही कहते हैं. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने 17 मार्च को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि आंकड़े और घरेलू उत्पादन के इंडिकेटर बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर बुरा असर नहीं पड़ने वाला. ठाकुर ने ये भी कहा कि तेल के गिरते दामों के कारण उल्टा भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है.

लेकिन इसके अगले ही दिन रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने 2020 में भारत की ग्रोथ का अनुमान 5.7% से घटाकर 5.2% कर दिया. इससे पहले मूडीज और ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट ने भी भारत की ग्रोथ दर में कटौती की है.

एसएंडपी के मुताबिक घरेलू और कारोबार के स्तर पर डिमांड और सप्लाई में दिक्कतें आएंगी और इसके कारण बेरोजगारी की समस्या और बढ़ेगी. एजेंसी के मुताबिक ऐसा इसलिए होगा कि कोरोनावायरस को लेकर पाबंदियों के कारण घरेलू मांग में बड़ी कमी आ सकती है.

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