कोरोना संकट के बीच ज्यादा नकदी अपने पास रख रहे लोग, क्या है वजह?

कोरोना के बीच 29 लाख करोड़ रु. से ज्यादा की करेंसी सर्कुलेशन में

सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना वायरस महामारी के बीच वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारतीय लगातार नकदी पर काफी भरोसा दिखा रहे हैं. इसी की नतीजा है कि अप्रैल 2021 के पहले 4 हफ्तों में लोगों ने 57800 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी की है.

अंगेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में RBI के डेटा के हवाले से बताया गया है कि 23 अप्रैल 2021 को जनता के पास मौजूद करेंसी का आंकड़ा बढ़कर 2907067 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले एक हफ्ते में 7352 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी थी. इससे पहले 26 मार्च को यह आंकड़ा 2858547 करोड़ रुपये का था.

एक दिलचस्प बात यह भी है कि लोगों के पास नकदी का आंकड़ा ऐसे वक्त में बढ़ा है, जब हर महीने ट्रांजैक्शन के लिए डिजिटल चैनल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है. 5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के साथ यूपीआई ने मार्च 2021 में 2.3 बिलियन ट्रांजैक्शन्स को पार कर दिया था, लॉकडाउन हटने के बाद डेबिट कार्ड का इस्तेमाल भी बढ़ता रहा है.

बैंकरों का मानना है कि लोग लॉकडाउन से संबंधित बढ़ती आशंका की वजह से ज्यादा नकदी अपने पास रख रहे हैं. ATM ऑपरेटर्स के मुताबिक, भले ही मासिक निकासी महामारी से पहले के ऊंचा स्तर तक नहीं पहुंची हैं, लेकिन लोगों ने जो नकदी निकाली हुई है, वे उसे फिर से जमा करने से बच रहे हैं.

कम ATM ट्रांजैक्शन के बावजूद कैश निकासी की ऐवरेज वैल्यू बढ़ी है. महामारी से पहले जो औसत निकासी करीब 4000 रुपये की थी, वो अब बढ़कर 4500 रुपये तक चली गई है.

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