भारत सरकार के दूसरे राहत पैकेज से नहीं मिलेगी खास ‘राहत’- मूडीज

नए प्रोत्साहन उपायों का मकसद त्योहारी मौसम में उपभोक्ता खर्च और पूंजीगत खर्च बढ़ाना है.

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बिजनेस न्यूज
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 
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मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा है कि सरकार के दूसरे राउंड के प्रोत्साहन पैकेज से निकट भविष्य में उपभोक्ता खर्च तो बढ़ेगा, लेकिन इससे आर्थिक वृद्धि में सीमित मदद मिलेगी. रेटिंग एजेंसी ने गुरुवार को कहा, ‘‘यह प्रोत्साहन 46,700 करोड़ रुपये या वित्त वर्ष 2020-21 के वास्तविक जीडीपी के अनुमान का 0.2 फीसदी है. इसमें जबरदस्त गिरावट के बीच अर्थव्यवस्था को समर्थन देने की सीमित क्षमता है.’’

मूडीज ने कहा कि अगर हम सरकार के 2020 में पहले दिए गए वित्तीय प्रोत्साहन को भी जोड़ें तो भी ये उपाय काफी कम हैं, दो राउंड के प्रोत्साहन के जरिए सरकार कोरोना वायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था में सीधे सिर्फ जीडीपी का 1.2 फीसदी खर्च कर रही है.

बता दें कि सरकार ने 12 अक्टूबर को कर्मचारियों और राज्यों के लिए सीधे वित्तीय समर्थन और मांग बढ़ाने के उपायों का ऐलान किया था. इसमें सरकारी कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के एवज में नकद वाउचर योजना और त्योहारों के लिए फेस्टिवल एडवांस शामिल है. इसके अलावा सरकार ने राज्यों को 12,000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त कर्ज देने और 25,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त पूंजीगत खर्च की घोषणा की है.

नए प्रोत्साहन उपायों का मकसद त्योहारी मौसम में उपभोक्ता खर्च और पूंजीगत खर्च बढ़ाना है.

मूडीज का अनुमान है कि सरकार का सामान्य कर्ज का बोझ इस साल जीडीपी के 90 फीसदी पर पहुंच जाएगा. पिछले साल यह 72 फीसदी के स्तर पर था. कर्ज के बोझ की मुख्य वजह ऊंचा राजकोषीय घाटा है.

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