पीएनबी घोटाले का सीधा असर,आरबीआई ने बैंकों के एलओयू पर रोक लगाई
आरबीआई ने एलओयू जारी करने पर रोक लगा दी है
आरबीआई ने एलओयू जारी करने पर रोक लगा दी है(फोटो:Reuters)

पीएनबी घोटाले का सीधा असर,आरबीआई ने बैंकों के एलओयू पर रोक लगाई

लगभग 12,700 करोड़ के पीएनबी घोटाला का सीधा असर पड़ा है. मंगलवार को आरबीआई ने बैंकों की ओर से जारी किए जाने वाले लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू पर रोक लगा दी. एलओयू का इस्तेमाल भारत में आयात के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आरबीआई ने एक बयान में कहा गया है कि एलओयू पर पाबंदी लगाने का फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है.

कंपनियों को होगा बड़ा नुकसान

रिजर्व बैंक के इस फैसले आयात पर निर्भर रहने वाली कई कंपनियों को काफी नुकसान हो सकता है. ये कंपनियां बैंक गारंटी के लिए एलओयू पर निर्भर होती हैं.आरबीआई के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कारोबारी ऋण के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी प्रावधानों पर खरा उतरने के बाद ही जारी किया जाएगा.

पीएनबी घोटाला भारतीय बैकिंग सिस्टम की कमजोरी का सबूत है
पीएनबी घोटाला भारतीय बैकिंग सिस्टम की कमजोरी का सबूत है
(फोटो: क्विंट हिंदी)

मंगलवार को ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा था कि नीरव मोदी ने पीएनबी के मुंबई स्थित ब्रैडी ब्रांच से 10 मार्च 2011 को पहली ऋण गारंटी हासिल की थी और अगले 74 महीनों में उसने ऐसे 1,212 गारंटी हासिल किए थे.

आरोप है कि डायमंड कारोबारी नीरव मोदी ने फर्जी तरीके से एलओयू और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट इश्यू करा कर पीएनबी को 12,700 करोड़ रुपये का चूना लगाया. इस मामले में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ जांच चल रही है. दोनों विदेश भाग गए हैं. हालांकि सरकार ने उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं.

क्या है एलओयू?

एलओयू ऐसे बैंक गारंटी होते हैं जिसके जरिये कोई बैंक अपने ग्राहकों को दूसरे बैंकों की विदेशी शाखाओं से कम वक्त का ऋण लेने की इजाजत देता है. इस लोन से कंपनी विदेश से आयात होने वाली वस्तुओं का बिल चुकाती है. विदेश स्थित बैंक आयातकों के बैंक की ओर से जारी एलओयू के आधार पर लोन देता हैं.

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