अघोषित सोना रखने वालों को माफ करने का कार्यक्रम चलाएगी सरकार

लोगों को भी इसके बाद लेवी और पेनाल्टी देनी पड़ेगी

Updated31 Jul 2020, 04:57 AM IST
बिजनेस
2 min read

वित्त मंत्रालय अवैध रूप से छुपाकर सोना रखने वालों के लिए एक माफी कार्यक्रम चलाएगा, जिससे कि टैक्स चोरी को रोका जा सके और सोने के इंपोर्ट को भी कम किया जा सके. ब्लूमबर्ग क्विंट की खबर मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी को सुझाव दिया गया है कि सरकार लोगों से उनके अघोषित धातुओं की जानकारी देने के लिए कहेगी, लोगों को भी इसके बाद लेवी और पेनाल्टी देनी पड़ेगी. अभी ये प्रस्ताव शुरुआती स्टेज में है अभी अधिकारियों से इस पर राय ली जा रही है.

पीएम मोदी 2015 में इसके लिए 3 योजनाओं लेकर आए थे जिससे की दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट सोने के कोष को बाहर लाया जा सके. इसमें लोगों और संस्थानों के द्वारा रखा जाने वाला करीब 25,000 टन सोना है. इसके लिए सोने की फिजिकल डिमांड को कम किया जाए, इंपोर्ट को कम किया जाए और लोगों को निवेश के और विकल्प दिए जाएं. लेकिन इस प्रोग्राम को लोगों ने पसंद नहीं किया क्यों कि एक बहुत बड़ा तबका अपने गहने, मूर्तियों वगैरह के रूप में सोने को रखता है. कुछ लोग टैक्स अथॉरिटीज के डर की वज से भी सामने नहीं आए थे.

ऐसे कंज्यूमर जो अपना सोना डिक्लेयर करते हैं उनको कुछ साल तक के लिए सरकार के पास अपना सोना जमा रखना होगा. पिछले साल भी सरकार ने इस तरह की योजना बनाई थी लेकिन तब टैक्स विभाग ने इस तरह की खबरों का खंडन किया था.

सोने-चांदी की चमक बढ़ी

कोरोना ने सोने और चांदी की चमक बढ़ा दी है क्योंकि महामारी के संकट के मौजूदा दौर में निवेश के सुरक्षित साधन के तौर पर महंगी धातुएं निवेशकों की पहली पसंद बन गई है. यही वजह है कि भारतीय बाजार में पीली धातु लगातार नई उंचाइयों को छू रही है. चांदी तो सोने से भी ज्यादा चकमदार बन गई है.

घरेलू वायदा बाजार में सोने का भाव गुरुवार को 50,707 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला जोकि एक नया रिकॉर्ड है. सोने का भाव 16 मार्च के बाद 32 फीसदी उछला है जबकि चांदी का भाव 62,400 रुपये प्रति किलो तक उछला जोकि 13 दिसंबर 2012 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Published: 30 Jul 2020, 01:52 PM IST
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!