फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ें बैंक: RBI
आरबीआई  ने सभी बैकों से विभिन्‍न कैटेगरी की फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को अब एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ने के लिए कहा है
आरबीआई ने सभी बैकों से विभिन्‍न कैटेगरी की फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को अब एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ने के लिए कहा है(Photo: Bloomberg)

फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ें बैंक: RBI

बैंक से कर्ज लेने वालों के लिए अच्छी खबर है. आरबीआई ने सभी बैकों से विभिन्‍न कैटेगरी की फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को अब एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ने के लिए कहा है. नए नियम के मुताबिक सभी तरह के रिटेल लोन और और छोटे बिजनेस लोन को 1 अप्रैल से एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ना होगा. पूरी गाइडलाइन दिसंबर के अंत तक जारी कर दी जाएगी.

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि ब्याज दर को बेंचमार्क से जोड़ने पर ब्याज दरों को पारदर्शी बनाने में सहायताा मिलेगी. बैंक को लोन की सीमा निर्धारित करने का पूरा अधिकार होगा, लेकिन जो सीमा तय होगी वो लोन समाप्ति तक बनी रहेगी.

इनमें से कोई हो सकता है एक्‍सटर्नल बेंचमार्क

  • आरबीआई का रेपो रेट
  • 91 दिन वाले भारत सरकार के ट्रेजरी बिल की यील्‍ड
  • 182 दिन वाले भारत सरकार के ट्रेजरी बिल की यील्‍ड
  • FBIL द्वारा जारी दूसरा कोई भी बेंचमार्क मार्केट इंट्रेस्‍ट रेट

एक्‍सटर्नल बेंचमार्क एक सकारात्मक पहल

आरबीएल बैंक के स्ट्रेटजी डिपार्मेंट के हेड जयदीप अय्यर ने बताया कि एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से विश्व स्तर पर ब्याज दरों को आसानी से समझा जा सकता है.उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने पार्दर्शिता का हमेशा ख्याल रखा है. बैंकों को इसमें पूरा सहयोग करना चाहिए. यह नया नियम बैंक के लिए एक चैलेंज जैसा होगा.

जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के प्रोफेसर एसपी जैन ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया.

RBI के इस नए फैसले को लोग सकारात्मक पहल बता रहे हैं. 
RBI के इस नए फैसले को लोग सकारात्मक पहल बता रहे हैं. 
(फोटो:QuintHindi)

क्या है एमसीएलआर ?

आरबीआई द्वारा लोन को लेकर लाए गए इस नए नियम का प्रस्ताव 2017 में आरबीआई के जनक राज ने दिया था. यह 2016 में प्रस्तावित मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) की जगह पर आया था. बैंकों के लोन से जुड़ी समस्या के लिए इस नए प्रस्ताव को लाया गया था लेकिन ये ज्यादा कारगर साबित नहीं हुआ.

एमसीएलआर के तहत बैंक हर ग्राहक की रिस्क प्रोफाइल को देखते हुए उसके लिए लोन दर तय करता है.

आरबीआई ने सभी तरह के फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को 1 अप्रैल तक एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ने को कहा
आरबीआई ने सभी तरह के फ्लोटिंग ब्‍याज दरों को 1 अप्रैल तक एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ने को कहा
(फाइल फोटो: PTI)

एमसीएलआर के तहत बैंक को हर डिपोजिट पर कॉस्ट देना पड़ता था. एमसीएलआर लागू होने के बाद यह समस्या थी कि पुराने लोन बेस रेट पर दिए जाते थे और नए लोन एमसीएलआर रेट पर. अब आरबीआई ने 1 अप्रैल तक बेस रेट और एमसीएलआर को लिंक करने का अादेश दिया है, ताकि लोन रेट्स और मार्केट रेट्स के अंतर से होने वाली समस्या से बचा जा सके.अब आरबीआई बैंक रेट्स को मार्केट बेस्ड बेंचमार्क से जोड़ने जा रही है.

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