गाड़ियां होंगी थोड़ी सस्ती,बैंको में बदलाव -1 अगस्त और क्या बदलेगा?

अगस्त के पहले दिन से ही पूरे देश में कई नियम-कायदे बदलने वाले हैं

Published31 Jul 2020, 03:46 PM IST
बिजनेस
3 min read

अगस्त के पहले दिन से ही पूरे देश में कई नियम-कायदे बदलने वाले हैं. ये नियम आम आदमी की जिंदगी से सीधा सरोकार रखते हैं और इनके बदलने से उनकी जिंदगी पर भी असर पड़ेगा. ये नियम-कायदे बैंकिंग, फाइनेंस से लेकर आपकी रसोई तक से जुड़े हैं. अगर आप नई कार या टू-व्हीलर खरीदने की सोच रहे हैं तो अगस्त इसके लिए अच्छा समय हो सकता है.

बैंकों के ट्रांजेक्शन नियमों से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए बदले कायदों तक, 1 अगस्त से क्या-क्या बदल रहा है, हम आपको बता रहे हैं.

गाड़ियां होंगी थोड़ी सस्ती,बैंको में बदलाव -1 अगस्त और क्या बदलेगा?
(फोटो: अरूप मिश्रा/क्विंट)

नई गाड़ी खरीदना सस्ता हुआ

1 अगस्त से नई कार या टू-व्हीलर खरीदना सस्ता होने जा रहा है. केंद्र सरकार ने वाहनों के लिए जरूरी इंश्योरेंस के नियमों में बदलाव किया है. भारतीय बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जून में गाड़ियों के लिए लॉन्ग टर्म मोटर इंश्योरेंस पैकेज पॉलिसी रूल को वापस ले लिया था. IRDAI के 'मोटर थर्ड पार्टी' और 'ओन डैमेज इंश्योरेंस' से जुड़े नियम में भी बदलाव होने जा रहा है. IRDAI के निर्देशों के मुताबिक, 1 अगस्त से नई कार खरीदने वालों को 3 और 5 साल के लिए बीमा लेना अनिवार्य नहीं होगा.

बैंकों के ट्रांजेक्शन चार्जेज बदले

देश के चार बैंक पहली अगस्त से अपने ट्रांजेक्शन चार्जेज में बदलाव करने जा रहे हैं. इनमें एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कोटक महिंद्रा बैंक, आरबीएल बैंक शामिल हैं. बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने मिनिमम मंथली बैलेंस को लेकर नियम बदले हैं. वहीं एक्सिस बैंक ने ये बदलाव अपने प्राइम और प्रीमियम सेविंग्स अकाउंट के लिए किया है.

कोटक महिंद्रा बैंक ने महीने के पांच मुफ्त ATM ट्रांजेक्शन के बाद होने वाले ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने का फैसला किया है. आरबीएल बैंक ने खोए डेबिट कार्ड को बदलने के चार्ज को रिवाइज किया है.  
गाड़ियां होंगी थोड़ी सस्ती,बैंको में बदलाव -1 अगस्त और क्या बदलेगा?
(फोटो: अरूप मिश्रा/क्विंट)

ई-कॉमर्स कंपनियों को बतानी होंगी कंट्री ऑफ ओरिजिन

अब अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसीं ई-कॉमर्स कंपनियों को प्रोडक्ट पर उसका कंट्री ऑफ ओरिजिन दिखाना पड़ेगा. मतलब अब इन कंपनियों को बताना होगा कि कोई प्रोडक्ट किस देश में बना है. ये नया नियम भारत या विदेश में रजिस्टर्ड लेकिन भारतीय ग्राहकों को सामान और सेवाएं देने वाले सभी इलेक्ट्रॉनिक रिटेल विक्रेताओं पर लागू होगा.

ई-कॉमर्स कंपनियों को सामान और सेवाओं की कुल कीमत के साथ-साथ बाकी शुल्कों की जानकारी भी देनी होगी. साथ ही उन्हें प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट भी बतानी होगी.  

PPF पर पेनाल्टी न लगने की सीमा खत्म

लॉकडाउन के बीच ये छूट दी गई थी कि PPF समेत छोटी बचत स्‍कीमों में तय अवधि के अंदर न्यूनतम राशि न डाल पाने पर पेनाल्टी नहीं ली जाएगी. पब्लिक प्रविडेंट फंड, रिकरिंग डिपॉजिट जैसी स्‍कीमों में बिना पेनाल्‍टी के 31 जुलाई तक ये राशि जमा की जा सकती थी. पहले ये छूट 30 जून तक थी, जिसे बढ़ाकर 31 जुलाई तक कर दिया गया था.

अगर कोई PPF अकाउंट होल्डर किसी वित्त वर्ष न्यूनतम 500 रुपये डालना भूल जाता है, तो अकाउंट को रोक दिया जाता है. इसे 50 रुपये पेनाल्टी और न्यूनतम राशि के साथ फिर से शुरू किया जा सकता है.

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