राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने शनिवार को बताया कि सरकार के दखल के बाद दवा कंपनियों ने COVID-19 के मरीजों के इलाज में काम आने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन के दाम कम कर दिए हैं. दाम कम करने वाली कंपनियों में कैडिला हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और सिप्ला जैसी कंपनियां शामिल हैं.
एनपीपीए की ओर से जारी डीटेल्स के मुताबिक, कैडिला ने रेमडैक (रेमडेसिवीर 100 मिग्रा) इंजेक्शन का दाम 2,800 रुपये से घटाकर 899 रुपये कर दिया है. इसी तरह सिंजीन इंटरनेशनल ने रेमविन नाम से बेची जाने वाली अपनी दवा का दाम 3950 रुपये से घटा कर 2450 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है.
हैदराबाद की डॉ. रेड्डीज लैब इस दवा को रेडिक्स नाम से बेचती है. उसने इसका दाम 5400 रुपये से कम कर अब 2700 रुपये कर दिया है. इसी तरह सिप्ला की दवा सिप्रेमी अब 3000 रुपये की हो गई है, यह पहले 4000 रुपये की पड़ती थी.
माइलान ने इस दवा के अपने ब्रैंड का मूल्य 4800 से 3400 रुपये और जुबिलैंट जेनेरिक्स ने इस दवाई के अपने ब्रैंड की दर प्रति यूनिट 3400 रुपये कर दी है, पहले यह 4,700 रुपये में मिल रही थी. इसी तहर हेट्रो हेल्थकेयर ने इस अपनी दवा की कीमत 5400 रुपये की जगह 3490 रुपये कर दी है. वो इसे कोवीफॉर ब्रैंड नाम से बेचती है.
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने दवा कंपनियों की ओर से उठाए गए इस कदम पर कहा है, ‘‘इस नाजुक समय में यह लोगों के लिए बड़ी राहत है. सरकार के हस्तक्षेप के बाद रेमडेसिविर के दाम अब कम हुए हैं. मैं औषधि कंपनियों का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की COVID- 19 के खिलाफ जारी लड़ाई में साथ दिया है.’’
इसके अलावा रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख एल मंडाविया ने कहा, ''सरकार के हस्तक्षेप के चलते रेमेडेसिवीर के दाम कम कर दिए गए हैं. मैं दवा कंपनियों का आभारी हूं कि उन्होंने COVID- 19 महामारी का मुकाबला करने में सरकार का साथ दिया है.''
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