दिल्ली में AAP की बंपर जीत के पीछे युवा और महिला, आंकड़े हैं सबूत
सीएसडीएस के सर्वे में युवा वोटरों ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को गलत माना
सीएसडीएस के सर्वे में युवा वोटरों ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को गलत माना(फाइल फोटो : रॉयटर्स)

दिल्ली में AAP की बंपर जीत के पीछे युवा और महिला, आंकड़े हैं सबूत

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत में युवा वोटरों ने अहम भूमिका निभाई. ज्यादातर युवाओं ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया. लोकनीति के चुनाव पूर्व सर्वे के मुताबिक 18 से 25 साल के आयु वर्ग में हर पांच में से तीन युवाओं ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया. यानी इस आयु वर्ग के 59 फीसदी युवाओं ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया. वहीं हर तीन वोटरों में से सिर्फ एक ने बीजेपी को वोट दिया. यह बीजेपी के मिले वोट से सात फीसदी कम है.

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‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपे लोकनीति-सीएसडीसी के एक विश्लेषण के मुताबिक 2015 के विधानसभा चुनाव की तुलना में आम आदमी पार्टी को इस वर्ग में 2 पर्सेंटेज प्वाइंट वोटों का फायदा हुआ है.

बीजेपी से तुलना करें तो 18 से 25 साल के आयु वर्ग में आप को 26 प्वाइंट की बढ़त है. जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को युवा वर्ग के वोटरों को खासा समर्थन मिला था.

68 फीसदी फर्स्ट टाइम वोटरों ने आप को वोट दिया

पहली बार वोट रहे दे युवाओं यानी 18 से 22 साल के आयु वर्ग के युवाओं में बीजेपी का वोट शेयर 4 प्वाइंट घट कर 29 फीसदी पर पहुंच गया. पहली बार वोट दे रही महिला वोटरों में 68 फीसदी ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया. 26 से 35 साल के आयु वर्ग के वोटरों में 54 फीसदी वोटरों ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया. इस वर्ग में बीजेपी को 40 फीसदी वोटरों के वोट मिले.

सीएसडीएस की ओर से जब ये सर्वे किए गए थे कई कॉलेजों में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे थे. जब छात्रों ससीएसडीएस के सर्वे में जब कॉलेज छात्रों खास कर 18 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों से पूछा गया कि क्या वे प्रदर्शनकारियों की पुलिस पिटाई ठीक मानते हैं. इनमें से 64 फीसदी ने कहा कि ये बिल्कुल गलत थी. 71 फीसदी ने माना कि जामिया में पुलिस का घुसना और छात्रों की पिटाई गलत थी.

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