‘काफिर’: दीया मिर्जा और मोहित रैना ने बताया कैसा रहा डिजिटल डेब्यू

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बनी वेब सीरीज ‘काफिर’ से किया दोनों ने डिजिटल डेब्यू 

Published26 Jun 2019, 11:37 AM IST
एंटरटेनमेंट
2 min read

वीडियो एडिटर: वीरू कृष्ण मोहन

2001 में फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' से बॉलीवुड में एंट्री करने वाली खूबसूरत दीया मिर्जा अब वेब सीरीज 'काफिर' से अपना डिजिटल डेब्यू कर चुकी हैं. मोहित रैना उनके साथ इस सीरीज में लीड रोल में हैं. जिन्होंने हाल ही में फिल्म 'उरी' के साथ बॉलीवुड में एंट्री की थी.

'काफिर' एक पाकिस्तानी औरत कैनाज अख्तर की कहानी है, जो अपनी जान देने के लिए नदी में कूद जाती है, लेकिन वो नदी में बहकर भारत पहुंच जाती है और यहां उसे आतंकवादी घोषित कर जेल में डाल दिया जाता है. कैनाज खुद को निर्दोष साबित करने की तमाम कोशिश करती है, लेकिन उसे 8 साल तक जेल में कैद रहना पड़ता है.

सीरीज में मोहित रैना एक वकील और जर्नलिस्ट के किरदार में नजर हैं जो दीया का केस लड़ते हैं.

दीया मिर्जा और मोहित रैना से अपने डिजिटल डेब्यू और इस नए एक्सपीरियंस को क्विंट हिंदी के साथ शेयर किया.

दीया का मानना है कि मीडियम चाहे वेब सीरीज हो या फिल्म, उनके लिए स्क्रिप्ट मायने रखती है.

मेरे लिए ये बात बहुत मायने रखती है कि स्क्रिप्ट और कहानी क्या कह रही है. इससे अच्छा डिजिटल डेब्यू या स्टोरी मैं नहीं चुन पाती. इस कहानी ने हमें चुना, हमने इस कहानी को नहीं चुना. भवानी अय्यर ने ये कहानी 13 साल पहले लिखी थी. 8 साल से सिद्धार्थ इसे फिल्म के रूप में बनाने की कोशिश कर रहे थे. डिजिटल मीडियम की वजह से ही ये कहानी बन पाई और लोगों तक पहुंच पाई.
दीया मिर्जा, एक्टर

आगे देखिए इस खास बातचीत के कुछ खास हिस्से-

आपका बहुत ही इंटेंस कैरेक्टर है. अक्सर ऐसे कैरेक्टर अपनी छाप छोड़ जाते हैं. तो, इस कैरेक्टर ने आपको किस तरह से बदला है?

मुझे लगता है जो ‘कैनाज’ के जिंदगी के एक्सपीरियंस हैं, उनको जीने के बाद, उनको समझने के बाद मुझे लगता है कि ये जो इमोशन और एक्सपीरियंस हैं. वो मुझे कभी नहीं छोड़ेंगे. बहुत कम ऐसा मौका मिलताहै, किसी किरदार को निभाने का जिससे आप कुछ सीख पाते हैं और जिससे आप बेहतर इंसान बन पाते हैं. मेरे लिये कैनाज शक्ति के रूप में आई और मुझे बहुत कुछ दे गई.

सवालों का सिलसिला जब मोहित के साथ शुरू हुआ...

मोहित, आपको क्या परेशानियां झेलनी पड़ीं. आपने डिजिटल डेब्यू के लिए कश्मीर से जुड़ा टॉपिक चुना और जर्नलिस्ट, लॉयर का रोल किया.

गजब का था, कठिनाईयां कुछ नहीं थी. इमोशन से इतनी भरी हुई कहानी पर मैंने कभी काम नहीं किया है.

‘देवों के देव: महादेव’, फिल्म ‘उरी’ और अब आपका डिजिटल डेब्यू ‘काफिर’. आप हमेशा गंभीर रोल में दिखे हैं. तो क्या कभी आपको कॉमेडी में देख पाएंगे?

मैं ऐसी उम्मीद करता हूं. जिस तरह का फीडबैक मुझे दीया ने इस सीरीज में दिया है, उनका कहना है मैं अच्छी कॉमेडी कर सकता हूं. तो मुझे उम्मीद है सारे डायरेक्टर और प्रोड्यूसर ये सुन रहे हों और ये एक्ट्रेस दीया का नहीं, बल्कि प्रोड्यूसर दीया का कहना है.

देखिए पूरा वीडियो इंटरव्यू.

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