अब सिर्फ 112 डायल करने पर सभी तरह की इमरजेंसी<b> </b>मदद मिलेगी
अब सिर्फ 112 डायल करने पर सभी तरह की इमरजेंसी मदद मिलेगी(फोटो: iStock)
  • 1. 112 नंबर को ही क्यों सेलेक्ट किया गया?
  • 2. कौन-कौन सी सर्विस इसके दायरे में आएंगी?
  • 3. Emergency और Non Emergency स्थिति को कैसे समझे?
  • 4. अगर मजाक में 112 नंबर कॉल की जाए, तो?
  • 5. 100 नंबर चालू है, तो 112 क्यों?
112 को ही इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर क्यों चुना गया, जानिए अहम बातें

Emergency Service के लिए अब सिंगल हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है. अब जब भी आपको मदद की जरूरत हो, आप खतरे में हों या कोई गंभीर रूप से घायल हो गया हो, तो तुरंत 112 नंबर डायल कीजिए. इसके अलावा अगर आपके सामने मारपीट, हत्या, डकैती या हंगामे जैसे गंभीर क्राइम हो रहे हों, तो भी आप 112 पर डायल कर सकते हैं.

इससे पहले इन सभी सुविधाओं के लिए अलग-अलग नंबर डायल करने होते थे. पुलिस (100), एंबुलेंस सेवा (108), वुमन हेल्पलाइन नंबर (1090) और फायर स्टेशन (101) जैसे जरूरी नंबरों को अलग-अलग सेव किया करते थे.

19 फरवरी से सिंगल हेल्पलाइन सर्विस (112) देशभर के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी कर दी गई है. आइए जानते है इस सर्विस से संबंधित सभी जरूरी बातें.

  • 1. 112 नंबर को ही क्यों सेलेक्ट किया गया?

    सबसे पहले साल 1972 में यूरोपियन कॉन्फ्रेंस ऑफ पोस्टल एंड टेलिकम्युनिकेशंस एडमिनिस्ट्रेशंस (CEPT) ने 112 नंबर को इमरजेंसी नंबर के रूप में चुना था. उन दिनों रोटरी टाइप फोन (जिन फोन में नंबर को घुमाकर डायल किया जाता है) हुआ करते थे. इन फोन में 112 नंबर डायल करने में कम समय और कम रोटेशन की जरूरत होती थी.

    हालांकि अब रोटरी फोन की जगह मोबाइल फोन आ गए हैं. लेकिन फोन में भी 100, 101, 102, 108, 1090 की बजाय 112 डॉयल करना आसान है. अगर आपके पास GSM फोन है, तो फोन लॉक होने के बावजूद 112 नंबर डायल किया जा सकता है.

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