बढ़ सकता है आपका मोबाइल बिल, समझिए टेलीकॉम में AGR का पूरा मुद्दा
(फोटो: क्विंट हिंदी)
  • 1. एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) क्या है?
  • 2. AGR पर विवाद क्या था?
  • 3. अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था?
  • 4. वोडाफोन-आइडिया और भारती एयरटेल पर सबसे ज्यादा असर
  • 5. और बढ़ सकते हैं टैरिफ के दाम
  • 6. दिवालिया हो सकती है वोडाफोन आइडिया?
  • 7. बैंकों पर भी पड़ सकता है असर
बढ़ सकता है आपका मोबाइल बिल, समझिए टेलीकॉम में AGR का पूरा मुद्दा

टेलीकॉम कंपनियों के सामने संकट के काले बाद छाए हुए हैं. कभी देश में टेलीकॉम सेक्टर में दसों कंपनियां कारोबार कर रही थीं. लेकिन अब गिनी चुनी 3 कंपनियां ही रह गई हैं. उसमें से भी वोडाफोन-आइडिया की हालत डामाडोल है. जियो इस सेक्टर उभरती हुई कंपनी है. इंडस्ट्री की इस खस्ताहाली के कई कारण हैं जिसमें से एक अहम कारण है AGR बकाए का पेमेंट.

सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2019 के अपने आदेश में कहा था कि टेलीकॉम कंपनियां अपना 1.47 लाख करोड़ का AGR बकाया 23 जनवरी 2020 तक चुकाएं, लेकिन टेलीकॉम कंपनियों ने अब तक अपना बकाया नहीं चुकाया है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा आदेश में टेलीकॉम कंपनियों को फटकार भी लगाई है.

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