केंद्र सरकार विपक्षी पार्टियों के खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है.
केंद्र सरकार विपक्षी पार्टियों के खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है.(फोटो: द क्विंट)
  • 1. क्यों लेनी पड़ती है राज्य सरकार से सहमति?
  • 2. अगर सहमति नहीं है तो अब क्या होगा?
  • 3. कौन सा कानून सीबीआई को राज्य से इजाजत लेने को कहता है?
  • 4. क्या किसी भी मामले में जांच नहीं कर पाएगी सीबीआई?
CBI क्या राज्य सरकारों के सामने मजबूर है?

हाल ही में हुए सीबीआई विवाद को देखते हुए पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में सीबीआई जांच की अनुमती से इंकार कर दिया है. राज्य सरकारों ने कहा है कि सीबीआई के बड़े अधिकारियों पर जो आरोप लगे हैं उसके बाद से अब सीबीआई पर भरोसा नहीं रहा. दोनों राज्यों की सरकारों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गलत तरीके से विपक्षी पार्टियों के खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है. एक नजर पूरे मामले पर...

  • 1. क्यों लेनी पड़ती है राज्य सरकार से सहमति?

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी का अपना एक अलग कानून है जिसे एनआईए एक्ट कहा जाता है. सीबीआई दिल्ली स्पेशल पुलिस स्टेबलिशमेंट एक्ट के तहत काम करती है. जिसके कारण उसे किसी भी राज्य में जांच करने से पहले राज्य सरकार की इजाजत लेनी पड़ती है. सीबीआई के न्यायिक दायरे में केवल केंद्र सरकार के विभाग ही आते हैं इसलिए सीबीआई को किसी भी राज्य में जांच से पहले राज्य सरकार से इजाजत लेनी पड़ती है.

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