NSEL यानी नेशनल स्पॉट कमोडिटी एक्चेंज लिमिटेड में 2013 में बड़ा घोटाला उजागर हुआ था.
NSEL यानी नेशनल स्पॉट कमोडिटी एक्चेंज लिमिटेड में 2013 में बड़ा घोटाला उजागर हुआ था.(फोटो: iStock)
  • 1. कैसे हुआ था घोटाला?
  • 2. 2013 में अचानक कैसे फूटा भांड़ा?
  • 3. एक्सचेंज की जवाबदेही
  • 4. जिग्नेश शाह और उसकी नई कंपनी 63 मून्स का क्या होगा?
  • 5. क्या निवेशकों का पैसा रिकवर हो पाएगा?
  • 6. पैसे वापस दिलाने में ब्रोकर की भूमिका
NSEL घोटाले के आरोपी की पेशी आज, जानिए कैसे हुआ था घोटाला

2013 में हुए NSEL घोटाले की जांच में मुंबई पुलिस की इकनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के हाथ लगा है घोटाले का कथित आरोपी जोसेफ मैसी. 25 जनवरी को EOW ने मैसी को मुंबई से विदेश भागते वक्त पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया. जोसेफ की गिरफ्तारी से अब NSEL घोटाला फिर से फोकस में है. अब इसे PMLA कोर्ट में पेश किया जाना है. मुंबई पुलिस को उम्मीद है कि मैसी से इस घोटाले से जुड़ी काफी सारी जानकारी मिल सकती है.

  • 1. कैसे हुआ था घोटाला?

    NSEL यानी नेशनल स्पॉट कमोडिटी एक्चेंज लिमिटेड में 2013 में बड़ा घोटाला उजागर हुआ था. कई सारे बड़े निवेशकों, कंपनियों, ब्रोकर्स और रिटेल निवेशकों ने एक कॉम्‍प्‍लेक्स फाइनेंशियल प्रोडक्ट में निवेश किया. इस एक्सचेंज पर कमोडिटी की खरीदी-बिक्री की जाती थी.

    NSEL के प्लेटफॉर्म पर निवेशकों और कर्जदारों के ऑर्डर मैच किए जाते थे. इसमें 15% के आस पास रिटर्न मिलता था. इसमें दो कॉन्ट्रैक्ट हुआ करते थे, T+2 और T+25. निवेशक के पैसा लगाने के दो दिन बाद कर्जदार के पास पैसा जाता था और निवेशक को एक्सचेंज की तरफ से एक लेटर मिलता था. इस लेटर में कमोडिटी वेयर हाउस में रखे होने का वादा होता था.

    25 दिन बाद कर्जदार उधारी चुकाता था और अपनी रिसीट वापस ले जाता था. लेकिन रिटर्न अच्छा मिल रहा था, तो निवेशक पोजि‍शन को रोलओवर करते रहते थे और ये सिलसिला लंबा चला.

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