इस मशहूर जर्नलिस्ट के गायब होने पर तूफान क्यों? समझें 6 कार्ड में
(फोटो: Reuters)
  • 1. क्या है मामला?
  • 2. क्यों हैं सऊदी के क्राउन प्रिंस शक के दायरे में?
  • 3. खशोगी की हत्या के क्या हैं सुबूत?
  • 4. क्यों अमेरिकी दबाव में बदला है सऊदी अरब का रुख?
  • 5. क्यों बदनाम हो रहे हैं सऊदी के सुधारवादी क्राउन प्रिंस?
  • 6. रेडिकल इस्लाम से कैसे तर्कवादी बने खशोगी?
इस मशहूर जर्नलिस्ट के गायब होने पर तूफान क्यों? समझें 6 कार्ड में

अमेरिका में रहने वाले सऊदी अरब के जर्नलिस्ट जमाल खशोगी के लापता होने का मामला पूरी दुनिया के मीडिया की सुर्खियों में है. ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के लिए लिखने वाले पत्रकार खशोगी की हत्या की आशंका जताई जा रही है और इस वजह से सऊदी अरब औैर अमेरिका के अच्छे रिश्तों में कड़वाहट की नौबत आ गई है. सऊदी अरब यूरोप और अमेरिका के निशाने पर है.

खबर है कि अमेरिकी दबाव में सऊदी अरब एक बयान जारी करेगा, जिसमें स्वीकार किया जाएगा कि खशोगी की मौत तुर्की के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में सऊदी दूतावास में पूछताछ के दौरान हुई थी. इस मामले से तुर्की से खराब हो रहे सऊदी के रिश्ते और खराब होने की ओर बढ़ गए हैं. यहां समझते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों यह मामला इंटरनेशनल मीडिया की सुर्खियों में है.

  • 1. क्या है मामला?

    2 अक्टूबर को सऊदी अरब मूल के अमेरिकी नागरिक और वाशिंगटन पोस्ट के कॉलमनिस्ट-जर्नलिस्ट जमाल खशोगी इंस्ताबुल के वाणिज्य दूतावास में घुसे और फिर उनका पता नहीं चला. खशोगी तुर्की के कानून के मुताबिक वहां से कुछ ऐसे डॉक्यूमेंट लेने गए थे, जो उनकी शादी के लिए जरूरी थे. जमाल खशोगी कभी ओसामा बिन लादेन के दोस्त रहे थे हालांकि बाद में वह रेडिकल इस्लाम से दूर चले गए.

    इधर वह सऊदी अरब के नौजवान प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नीतियों के आलोचक बन गए थे. उनका कहना था कि देश पर एक ही शख्स का कब्जा इसे उल्टी दिशा में ले जाएगा. इस बात का शक जाहिर किया जा रहा है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के इशारे पर ही खुफिया अफसरों ने खशोगी को मार डाला है.

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