Pfizer/BioNtech की कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिलने के बाद ब्रिटेन ने 8 दिसंबर, 2020 से कोरोना के खिलाफ अपना टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है.
वहीं वैक्सीन लेने के बाद हेल्थ सर्विस के दो वर्कर्स में एलर्जिक रिएक्शन देखे जाने के बाद नियामकों ने सलाह दी है कि गंभीर एलर्जिक रिएक्शन वाले लोगों को फाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए.
मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) ने कहा कि ये सलाह उन लोगों के लिए है, जिनमें दवा, खाने की किसी चीज या वैक्सीन से गंभीर रिएक्शन की हिस्ट्री रही हो.
दो लोगों में नई वैक्सीन लेने के थोड़ी देर बाद रिएक्शन हुआ, ट्रीटमेंट के बाद दोनों वर्कर्स ठीक हैं.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें एनाफिलेक्टॉइड प्रतिक्रिया हुई, जिसमें त्वचा पर लाल चकत्ते, सांस की तकलीफ और कभी-कभी ब्लड प्रेशर में गिरावट शामिल है. यह एनाफिलेक्सिस (गंभीर एलर्जिक रिएक्शन) की तरह नहीं है.
दोनों वर्कर्स में गंभीर एलर्जी का इतिहास रहा है.
इंग्लैंड में नेशनल हेल्थ सर्विस के मेडिकल डायरेक्टर प्रोफेसर स्टीफन पोविस ने बीबीसी से कहा कि नई वैक्सीन के साथ ऐसा हो सकता है. MHRA ने एहतियातन एलर्जिक रिएक्शन वाले लोगों को वैक्सीन न लेने की सलाह दी है.
इस तरह के रिएक्शन दुर्लभ हैं और दूसरी वैक्सीन के साथ भी हो सकते हैं जिसमें फ्लू की वैक्सीन भी शामिल है. यूके में वैक्सीन की डोज लेने वाले हजारों लोगों में से सिर्फ दो मामलों में ऐसा रिएक्शन देखा गया है.
इम्पीरियल कॉलेज लंदन में इम्यूनोलॉजी के एक्सपर्ट प्रो. पीटर ओपनशॉ कहते हैं कि रेगुलेटर की ओर से एहतियाती सलाह जारी करना दिखाता है कि मॉनिटरिंग सिस्टम अच्छी तरह से काम कर रहा है.
(BBC इनपुट के साथ)
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