जनता सार्वजनिक संपत्ति की मालिक, सरकार निजीकरण नहीं कर सकती: CPM

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Updated03 Dec 2019, 05:10 PM IST
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माकपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक परिसम्पत्तियों की मालिक जनता होती हैं और सरकार उनकी ‘‘केवल प्रबंधक’’ होती है। सरकार उनका (सार्वजनिक परिसम्पत्तियों का) निजीकरण नहीं कर सकती।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि देश के लोगों ने किसी भी परिसम्पत्ति के निजीकरण की कोई अनुमति नहीं दी है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘सार्वजनिक परिसम्पत्तियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की मालिक जनता होती है। सरकारें आती और जाती हैं और वे मात्र प्रबंधक का काम करती हैं। कोई भी प्रबंधक मालिकों-जनता, की अनुमति के बिना सम्पत्तियों को नहीं बेच सकता। सार्वजनिक परिसम्पत्तियों का निजीकरण रोको।’’

वाम नेता ने कहा कि सभी क्षेत्रों में तेज आर्थिक गिरावट से लोगों का जीवन बर्बाद हो रहा है।

येचुरी ने ट्वीट करके कहा, ‘‘सभी क्षेत्रों में तेज आर्थिक गिरावट से लोगों का जीवन बर्बाद हो रहा है। रोजगार एवं घरेलू मांग बढ़ाने वाले सार्वजनिक निवेश के माध्यम से राहत प्रदान करने के बजाय, मोदी सरकार उद्योगों एवं अमीरों को रियायतें दे रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी कहते हैं कि भारत पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था होगा। लगातार छठी तिमाही में जीडीपी गिरने से भाजपा सांसद कहते हैं कि जीडीपी समृद्धि का कोई पैमाना नहीं है...।’’

येचुरी ने कहा, ‘‘भाजपा जहां अपारदर्शी चुनावी बांड के जरिए खुद को समृद्ध कर रही है, वहीं आम भारतीय की दशा सभी देख सकते हैं। गरीबी दर बढ़ रही है।’’

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर क्विंट हिंदी ने इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)


Published: 03 Sep 2019, 01:55 PM IST

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