भाकपा लिबरेशन ने सीबीएसई से फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की
भाकपा लिबरेशन ने सीबीएसई से फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की
भाकपा लिबरेशन ने सीबीएसई से फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की

भाकपा लिबरेशन ने सीबीएसई से फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने सीबीएसई की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के लिए शुल्क में की गई भारी वृद्धि को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की और फैसला वापस लेने की मांग की।

पार्टी ने कहा कि यह सरकार की ओर से स्पष्ट संकेत है कि वह शिक्षा और रोजगार का पूरी तरह से निजीकरण करना चाहती है।

भाकपा (माले) लिबरेशन ने मंगलवार को राज्यस्तरीय स्थायी समिति की बैठक के बाद जारी बयान में कहा, ‘‘ सरकार की प्राथमिकता सबसे निचले तबके को नुकसान पहुंचाना है। सरकार दलित हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन कमजोर वर्ग को अच्छी शिक्षा से वंचित करने की साजिश रच रही है।’’

उल्लेखनीय है कि सीबीएसई ने सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा शुल्क में दोगुनी वृद्धि की है और उन्हें अब इसके लिए 750 रुपये की जगह 1,500 रुपये देने होंगे।

वहीं, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को अब 350 रुपये की जगह 1,200 रुपये देने होंगे।

धुर वामपंथी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद -370 और 35ए को हटाने के केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुए इसे अलोकतांत्रिक करार दिया।

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर क्विंट हिंदी ने इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)


Follow our अभी - अभी section for more stories.

वीडियो

Loading...