छत्तीसगढ़ःकांग्रेस सरकार ने बदला योजनाओं का नाम,BJP ने जताया विरोध

योजनाओं का नाम बदलने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने जनसंघ के दिवंगत नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जारी पांच योजनाओं का नाम बदले जाने पर आपत्ति जताई और सदन में हंगामा मचाया.

राज्य में नवगठित कांग्रेस सरकार ने सोमवार को नगरीय प्रशासन और विकास विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जारी योजनाओं का नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी तथा संविधान निर्माता डाक्टर बी आर अम्बेडकर के नाम पर कर दिया है.

आज विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक और भाजपा के अन्य विधायकों ने इस मामले को उठाया और कहा कि यह कदम न केवल उस महान व्यक्तित्व का अपमान है जिनके नाम पर यह योजनाएं चलाई जा रही थी, बल्कि यह पार्टी के विचारधारा को खत्म करने का प्रयास है.

इस मामले में विपक्ष ने काम रोकर चर्चा कराए जाने की मांग की। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा याजनाओं के नामों को बदलना अलोकतांत्रिक है तथा इस तरह की प्रथा को समाप्त किया जाना चाहिए, क्योंकि यह किसी भी लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

आरोपों के जवाब में राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया ने कहा कि वर्ष 2004 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस तरह की प्रथा की शुरूआत की थी। लेकिन अब इसे वह ही अलोकतांत्रिक प्रथा कह रहे हैं। डहरिया ने कहा कि उस समय इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम वाली सभी योजनाओं का नाम बदल दिया गया था। यह योजना वास्तव में राजीव गांधी स्वावलंबन योजना थी जिसे बदलकर दीनदयाल उपाध्याय स्वालम्बन योजना कर दी गई थी।

इसके बाद भाजपा विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराए जाने की मांग की। विपक्ष के नेता कौशिक ने कहा कि इन योजनाओं का नाम उस रात बदला गया जब भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 50 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रही थी। सरकार के इस कदम से उसकी दूषित मानसिकता का पता चलता है।

बाद में विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने विपक्ष की मांग को अस्वीकार कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से राज्य में जारी पांच योजनों का नाम बदल दिया है। इस संबंध में सोमवार को आदेश भी जारी कर दिया गया है।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ नगरीय अधोसंरचना विकास निधि से संचालित राज्य प्रवर्तित योजनाओं का नाम परिवर्तित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन ने दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना का नाम राजीव गांधी स्वावलंबन योजना कर दिया है। वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना का नाम डाक्टर बीआर अंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना का नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी एलईडी पथ प्रकाश योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र योजना का नाम राजीव गांधी आजीविका केंद्र योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय शुध्द पेयजल योजना का नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी शुध्द पेयजल योजना कर दिया है.

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने योजनाओं से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाने पर कहा है कि सरकार यह जवाब दे कि इन योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या किया गया है। लेकिन बिना बेहतर प्रावधानों के केवल नाम बदला गया है तो यह बदलापुर की नई कड़ी है। रमन सिंह ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पुण्यतिथि के दिन चुनकर जान बूझकर नाम बदला गया है जो उनकी मानसिक स्थिति को बतलाता है।

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर क्विंट हिंदी ने इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)

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