हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा मिलना चाहिए : गुरबख्श सिंह
हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा मिलना चाहिए : गुरबख्श सिंह
हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा मिलना चाहिए : गुरबख्श सिंह

हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा मिलना चाहिए : गुरबख्श सिंह

कोलकाता, 24 जून (आईएएनएस)| ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता और भारत के पूर्व कप्तान गुरबख्श सिंह का मानना है कि हॉकी को राष्ट्रीय खेल का दर्जा और मेजर ध्यानचंद को भारतरत्न दिया जाना चाहिए।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर हॉकी को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय खेल घोषित करने की गुजारिश की है। ओडिशा इस वर्ष के अंत में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी भी करेगा।

गुरबख्श सिंह ने आईएएनएस से कहा, हॉकी एक राष्ट्रीय खेल था लेकिन भारत सरकार ने उसे मान्यता नहीं दी। अब इसकी मांग की जा रही है, इसे राष्ट्रीय खेल घोषित किया जाना चाहिए।

सिंह ने कहा, लेकिन फिर आपको कुछ लोग मिलेंगे जो क्रिकेट या अन्य खेलों की वकालत करेंगे, लेकिन मैं समझता हूं कि हॉकी ने वर्ष 1928 से भारत का नाम रौशन किया है।

गुरबख्श सिंह ने दिवंगत हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भारतरत्न देने की मांग करते हुए कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं क्या कर सकता हूं? मैं नहीं जानता कि अभी तक ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्हें भारतरत्न दिए जाने का यह सही समय है।

सिंह ने कहा, पहले सरकार ने सचिन तेंदुलकर को भारतरत्न दिया, हां वह उसके हकदार हैं, लेकिन मैं समझता हूं कि ध्यानचंद भी इसके हकदार हैं। यह कदम अभी उठाया जाना चाहिए। हॉकी के साथ जो भी गलत हुआ है उसे सही करते हुए ध्यानचंद को भारतरत्न दिया जाना चाहिए।

संयुक्त प्रगतशील गठबंधन (यूपीए) के शासनकाल में वर्ष 2013 में खेल मंत्रालय ने क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को भारतरत्न से नवाजा गया था।

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर क्विंट हिंदी ने इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)

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