ADVERTISEMENT

कश्मीरी पंडितों ने खीर भवानी मंदिर में की शांति की प्रार्थना

कश्मीरी पंडितों ने खीर भवानी मंदिर में की शांति की प्रार्थना

Published
कश्मीरी पंडितों ने खीर भवानी मंदिर में की शांति की प्रार्थना

श्रीनगर, 10 जून (आईएएनएस)| जम्मू एवं कश्मीर के गांदरबल जिले में वार्षिक उत्सव में शामिल होने के लिए कश्मीरी पंडितों ने सोमवार को तुल्लामुल्ला शहर के खीर भवानी मंदिर में पहुंचना शुरू कर दिया।

अधिकारियों ने कहा कि 85 बसें रविवार देर रात मंदिर में प्रार्थना के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर पहुंचीं।

पवित्र झरने पर बने देवी खीर भवानी मंदिर के दर्शनों के लिए सुबह से ही बसों, टैक्सियों, निजी कारों और यहां तक कि दोपहिया वाहनों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

श्रीनगर शहर से तुल्लामुल्ला तक 25 किलोमीटर लंबा मार्ग पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के टुकड़ियों द्वारा सुरक्षित किया गया है।

एक अधिकारी ने कहा, "मंदिर परिसर में सुरक्षित पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।"

स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले साल की तुलना में तीर्थयात्रियों की संख्या इस साल के मुकाबले अब तक कम है।

तुल्लामुल्ला शहर के निवासी 52 वर्षीय असदुल्ला भट ने कहा, "मंदिर में पंडित भक्तों की इस साल की तुलना में पिछले साल अधिक बड़ी संख्या थी। हम आज और लोगों के आने की उम्मीद कर रहे हैं।"

65 वर्षीय एक प्रवासी कश्मीरी पंडित राजिंदर जट्ट फरीदाबाद से आए हैं। उन्होंने रात खीर भवानी मंदिर में बिताई।

जट्ट ने आईएएनएस से कहा, "हम 1989 में फरीदाबाद की ओर पलायन करने से पहले श्रीनगर शहर के जवाहर नगर इलाके में रहते थे। मैंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए काम किया।"

उन्होंने आगे कहा, "इसके अलावा, हमारे परिवार की बुदशाह चौक में 'जट्ट एंड कंपनी' नामक एक दुकान थी। हमारा परिवार रेशम के कपड़ों का कारोबार करता था।"

उन्होंने कहा कि उन्होंने कश्मीर में शांति और विकास के लिए प्रार्थना की है।

जट्ट ने आगे कहा, "हमें अपने मूल स्थानों पर वापस जाने में सक्षम होना चाहिए, जहां हम अपने मुस्लिम पड़ोसियों के साथ बिना किसी सरकारी सुरक्षा के रह सकते हैं। मैंने उन गौरवशाली दिनों की वापसी के लिए प्रार्थना की है, जब मेरे घर में मुस्लिम दोस्तों भोजन किया करते थे और मैंने उनके घर भोजन किया करता था।"

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर क्विंट हिंदी ने इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

ADVERTISEMENT
Speaking truth to power requires allies like you.
Q-इनसाइडर बनें
450

500 10% off

1500

1800 16% off

4000

5000 20% off

प्रीमियम

3 माह
12 माह
12 माह
Check Insider Benefits
अधिक पढ़ें
ADVERTISEMENT
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!
ADVERTISEMENT
और खबरें
×
×