बाबरी केस: फैसले पर प्रशांत भूषण-’ये नए भारत की न्याय व्यवस्था’

फैसले के बाद कानून जगत के एक्सपर्ट इस फैसले की आलोचना करते हुए दिख रहे हैं.

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सोशलबाजी
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प्रशांत भूषण ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो दो बातों पर पछतावा करते हैं
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अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया. आरोपियों में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और 29 अन्य शामिल थे. आरोपियों को बरी करने का फैसला स्पेशल सीबीआई जज सुरेंद्र कुमार यादव ने सुनाया. फैसले के बाद कानून जगत के एक्सपर्ट इस फैसले की आलोचना करते हुए दिख रहे हैं.

ये नए भारत की न्याय व्यवस्था: प्रशांत भूषण

सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने फैसला आने के बाद तंज करते हुए कहा है कि- 'वहां पर कोई मस्जिद नहीं थी. ये नए भारत की न्याय व्यवस्था है.'

कई सालों तक गंभीरता से नहीं चला केस: संजय हेगड़े

सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े ने कहा है कि कई सालों तक इस केस को गंभीरता से नहीं लिया गया और अब जो फैसला आया है उसे डिटेल में पढ़ने के बाद ही कहा जा सकता है कि कैसा फैसला है.

इस मामले में 300 से ज्यादा गवाह थे लेकिन हम वकील लोग कहते हैं कि गवाहों को गिना नहीं जाता, तौला जाता है. किस गवाह ने क्या कहा और क्या तथ्य कोर्ट के सामने पेश किए गए. 28 साल में इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. 2000 पेज का पूरा फैसला है उसे पढ़ने के बाद ही कहा जा सकता है कि कोर्ट के सामने क्या साक्ष्य पेश किए गए और उसके आधार पर कोर्ट ने सही फैसला लिया है या नहीं.
संजय हेगड़े, वकील, सुप्रीम कोर्ट

बाबरी मस्जिद को किसी ने नहीं गिराया: करुणा नंदी

सुप्रीम कोर्ट की ही वकील करुणा नंदी ने ट्विटर पर लिखा है कि- 'बाबरी मस्जिद को किसी ने नहीं गिराया. एक धक्का और दो से लेकर न्याय तक'

ट्विटर यूजर सिद्धार्थ लिखते हैं कि अगर गांधी की हत्या आज के भारत में हुई होती तो उसे सुसाइड बता दिया जाता और गोडसे को कैबिनेट मंत्री बना दिया जाता.

बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतम्भरा और विष्णु हरि डालमिया पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. 31 मई 2017 को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अभियोजन की कार्यवाही शुरू हुई थी. 16 सितंबर 2020 को अदालत ने 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाने की बात कही थी.

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