ट्विटर-फेसबुक नहीं, छोटे शहरों का राजा TikTok,ये है विचित्र दुनिया
टिकटॉक के भारत में 50 करोड़ यूजर हैं
टिकटॉक के भारत में 50 करोड़ यूजर हैं(फोटो: क्विंट हिंदी)

ट्विटर-फेसबुक नहीं, छोटे शहरों का राजा TikTok,ये है विचित्र दुनिया

बेंगलुरु में एक युवक ने खुदकुशी कर ली. ये शख्स इसलिए निराश था क्योंकि उसका एक रियलिटी शो में सेलेक्शन नहीं हो पाया. खुदकुशी से पहले युवक ने अपना वीडियो टिकटॉक पर अपलोड किया. इस तरह से सोशल वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक एक बार फिर सुर्खियों में आ गया. टिकटॉक का विवादों से पुराना नाता है. कभी पॉर्न को बढ़ावा तो कभी विदेशों में डेटा भेजने के आरोप इसपर लगे हैं...लेकिन इसका क्रेज इंडियन यूथ में लगातार बढ़ता जा रहा है. फेसबुक और इंस्टा वाली दुनिया को पता भी नहीं कि टिकटॉक की दुनिया कितनी बड़ी और विचित्र है.

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(फोटो: स्मृति चंदेल/क्विंट हिंदी)

तो आखिर क्या है टिकटॉक की दीवानगी की वजह?

हाउस वाइफ से लेकर गली के छोकरे...और वीडियो बनाकर पैसे बनाने को प्रोफेशन बना चुके तमाम लोग..इन सबकी पहली पसंद है. यही नहीं टिकटॉक- पिछले साल पूरी दुनिया में सबसे डाउनलोड होने वाला ऐप बन गया है.

टिक टॉक एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां कुछ लिखने की जरूरत नहीं होती. खराब अंग्रेजी लिखने वाले लोग फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखने से घबराते हैं. लेकिन टिकटॉक पर पूरी आजादी है.

यही कारण है कि 'टिक टॉक' इस्तेमाल करने वालों में एक बड़ी संख्या गांवों और छोटे शहरों के लोगों की है. और जब इतनी बड़ी आबादी टिकटॉक पर हैं तो सेलेब इससे दूर कैसे रह सकते हैं. अब श्रद्धा कपूर , टाइगर श्रॉफ और नेहा कक्कड़ जैसे बॉलीवुड सितारे भी टिक-टॉक पर आ चुके हैं.

फेसबुक और ट्विटर पर सिर्फ उन लोगों के पोस्ट देखे जा सकते हैं, जिनको हम फॉलो कर रहे होते हैं. लेकिन टिक टॉक पर सब कुछ 'पब्लिक' है. यहां अनजान लोगों के वीडियोज भी हमारी टाइमलाइन पर दिखते हैं. साथ ही टिक टॉक लोगों को पैसे कमाने का भी मौका देता है.

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टिकटॉक का कंट्रोल किसके पास?

टिक टॉक की पेरेंट कंपनी है चाइना की बाइट डांस. इसने 2017 में भारत में टिक टॉक लॉन्च किया.  भारत में 15 सेकंड का शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए फेमस विगो वीडियो ऐप भी बाइट डांस का ही एक प्रोडक्ट है. सोशल मीडिया ऐप हैलो भी बाइट डांस का ही है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अगले तीन साल में बाइट डांस भारत में टिक टॉक को आगे बढ़ाने के लिए 700 करोड़ रुपए खर्च करने वाला है. इससे पहले बाइट डांस भारत में अपने न्यूज ऐप डेली हंट पर डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा इन्वेस्ट कर चुका है.

टिकटॉक और विवादों का पुराना नाता

शुरुआत से ही टिक टॉक को अपने कंटेंट की वजह से कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है. हाल ही में भारत सरकार ने नोटिस भेजकर कंपनी से 24 सवालों के जवाब भी मांगे थे. ये सभी सवाल मुख्य तौर पर गलत कंटेंट को लेकर थे.

कंपनी का कहना है कि वो गलत कंटेंट रोकने को लेकर गंभीर है. ऐप से अब तक 60 लाख वीडियो हटाए जा चुके हैं. दो घंटे से ज्यादा यूज होने पर ऐप पर पासवर्ड की जरूरत होती है. पेरेंट्स की बेहतर निगरानी हो, इसके लिए टिकटॉक और फीचर ला रहा है.

फोटो:क्विंट 
कंपनी का कहना है कि वो वीडियोज को प्रिव्यू करता है ताकि शिकायत होने से पहले ही उन्हें हटाया जा सके. कंपनी का कहना है कि वो भारतीय यूजर्स की शिकायतों को सुनने के लिए अलग से कर्मचारी भी तैनात कर रहा है. डेटा विदेश भेजने के सवाल पर कंपनी ने वादा किया है कि वो भारतीय डेटा को भारत के ही सर्वर में रखने के इंतजाम कर रही है.

वैसे ये सारे मसले टिकटॉक के दीवानों के लिए कोई मायने नहीं रखते हैं...तभी तो जितनी देर में आपने ये वीडियो देखा उतनी देर में हिंदुस्तानी टिकटॉक पर पांच हजार से ज्यादा वीडियो अपलोड कर चुके हैं..यकीन नहीं आता तो जान लीजिए भारत में इस ऐप पर हर महीने 12 करोड़ वीडियो अपलोड हो रहे हैं..अब आप हिसाब लगा लीजिए....

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