Me, The Change: गर्विता गुल्हाटी, इकलौती भारतीय ‘ग्लोबल चेंजमेकर’

Me, The Change: गर्विता गुल्हाटी, इकलौती भारतीय ‘ग्लोबल चेंजमेकर’

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क्या आप 18 से 24 साल के बीच की उम्र की किसी ऐसी युवा महिला को जानते हैं जो 2019 के लोकसभा चुनावों में पहली बार वोट डालने जा रही हो? क्या उसने लीक से हटकर कोई काम किया है? हमें बताएं! द क्विंट के 'मी, द चेंज' कैंपेन के तहत हम तलाश रहे हैं बेबाक, युवा कामयाब महिलाओं को जो अपने दम पर लिख रही हैं बदलाव की एक नई इबारत.

19 साल की उम्र में गर्विता गुल्हाटी ने स्विटजरलैंड में एक यूथ प्रोग्राम ‘ग्लोबल चेंजमेकर’ का खिताब जीता. दुनिया के 60 चुनिंदा युवाओं में से वो इकलौती भारतीय हैं जिन्हें ये सम्मान मिला है. इस प्रोग्राम के लिए साल 2018 में दुनियाभर से करीब 44,000 एप्लिकेशन आए थे.

गर्विता, बेंगलुरु से हैं और वो जल संरक्षण को लेकर काफी जागरुक हैं. उन्होंने ‘वाई वेस्ट‘ (‘Why Waste’ ) नाम से एक संस्था बनाई. वो जल संरक्षण और उसके सही इस्तेमाल को लेकर जागरुकता फैलाना चाहती हैं.

क्या आप गर्विता की कहानी से प्रभावित हुए? क्या आप भी किसी ऐसी महिला को जानते हैं जो कुछ बदलाव लाने के लिए मेहनत कर रहीं हैं?

उन्हें ‘Me, The Change’ के लिए नॉमिनेट करें.

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