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दिल्ली में पारा रिकॉर्ड और कामगारों की हिम्मत तोड़ रहा है

15 मई रविवार को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया.

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दिल्ली(Delhi) में एक बार फिर भीषण गर्मी पड़ रही है. पारा रोजाना 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा है. रविवार, 15 मई को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया.

जो लोग घरों में वो गर्मी से बेहाल हैं, तो जरा कल्पना कीजिए जो बाहर धूप में काम करने वाले लोग हैं उनका क्या हाल होगा. आजीविका के लिए उन्हें दिनभर घर से बाहर रहकर काम करना पड़ता है. मैंने उनमें से कुछ से बात कर समझने की कोशिश की है कि आखिर वें अपना काम कैसे चला रहे हैं?

करीब 11 बजे जब मैं दिल्ली के ओखला स्थित अपने घर से निकली तो मेरा मोबाइल फोन उस समय का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दिखा रहा था. कुछ ही समय में जब मैं फूड डिलिवरी करने वाले संजय सिंह से बात कर रही थी तब तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस हो गया.

"हमें अपनी आजीविका के लिए सब कुछ करना है चाहे वह गर्मी हो या सर्दी. इस मौसम में मैं दिन में कम से कम 10-12 बोतल पानी पीता हूं. मैं यात्रा के दौरान पानी की बोतल रखता हूं और जहां भी उपलब्ध हो वहां पानी भरता हूं. क्या करें पेट के लिए करना पड़ता है."
संजय सिंह, फूड डिलीवर वर्कर

फूड स्टॉल के पास जहां संजय सिंह दोपहर का खाना खा रहे थे, मैं झोपड़ियों (झुग्गियों) में रहने वाली कुछ घरेलू कामगारों से मिली. उनके साथ मेरी बातचीत के दौरान, उन्होंने मुझसे कहा कि इस भीषण गर्मी में उनकी झोंपड़ी गर्म हो जाती है और सोना या अंदर रहना भी असंभव हो जाता है.

फूड डिलीवरी एक्जीक्यूटिव संजय सिंह अपना ऑर्डर देने जा रहे हैं.

(फोटो क्रेडिट: माहिरा गौहर)

"इस मौसम में हमारे पेट में जलन महसूस होती है. हमारे पास न तो रेफ्रिजरेटर है और न ही कूलर."
मर्जिना, घरेलू कामगार
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सड़क पर फल और सब्जी बेचने वालों के लिए भी इस गर्मी में काम करना आसान नहीं है. सुरेश प्रसाद, दिल्ली मेट्रो फ्लाईओवर के नीचे सब्जियां बेच रहे थे.

"हम धूप से बचने के लिए नींबू पानी पीते है और छाया में खड़े होने की कोशिश करते हैं. यह हमारे पेट को कुछ समय के लिए ठंडा रखने में थोड़ी मदद करता है. लेकिन समस्या यह है कि बची हुई सब्जियां आसानी से नष्ट हो जाती हैं. इसलिए हमें सब्जियां कम कीमत पर बेचनी पड़ती है. जिसके कारण नुकसान होता है."
सुरेश प्रसाद, सब्जी विक्रेता

उनसे बात करते हुए मुझे भी गर्मी लग रही थी तो मैंने दिल्ली की प्रसिद्ध शिकंजी (नींबू पानी) का एक गिलास खरीदा.

लेकिन उनके साथ बातचीत में मैंने महसूस किया कि 10-20 रुपये की शिकंजी कई लोगों के लिए गर्मी से राहत का एक महंगा उपाय है.

दिल्ली के भीषण गर्मी के मौसम में शिकंजी कुछ राहत देती है.

(फोटो क्रेडिट: माहिरा गौहर)

"प्रत्येक ऑर्डर पर हम 20 रुपये कमाते है. उसके लिए, हमें रेस्तरां में इंतजार करना पड़ता है और अगर ग्राहक कॉल नहीं उठाता तो हमें वहां भी इंतजार करना पड़ता है. कभी-कभी ऑर्डर के लिए 1 से डेढ़ घंटा लगता हैं. वो भी 20 रुपये के लिए, हम क्या कर सकते हैं ? इतनी कमाई नहीं होती कि खरीद कर पानी या शिकंजी पी सकूं."
संजय सिंह, फूड डिलीवरी वर्कर

एक रिक्शा चालक शरीफुद्दीन ने भी संजय सिंह जैसा ही अनुभव साझा किया.

दिल्ली के ओखला में रिक्शा चालक शरीफुद्दीन.

(फोटो क्रेडिट: माहिरा गौहर)

"इस मौसम में भले ही हमें ठंडा पेय पीने का मन हो, लेकिन हम उन्हें वहन करने में सक्षम नहीं हैं. हम पानी पीकर दिन गुजारते हैं. हमारे पास जूस या ठंडा पेय पीने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं. हम जो पैसा कमाते हैं उसे बचाते हैं ताकि हम दो वक्त का खाना खा सकें."
शरीफुद्दीन, रिक्शा चालक

मौसम विज्ञान (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में हीटवेव की वापसी की भविष्यवाणी की है और लोगों को मौसम की घटना से सावधान रहने के लिए अलर्ट जारी किया है. इस बीच दिल्लीवासियों को गर्मी से राहत देने के लिए कुछ बारिश की उम्मीद है.

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