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दिल्ली के मैग्नस IAS कोचिंग संस्थान पर धोखाधड़ी के आरोप

भुगतान करने के बावजूद, संस्थान ने मुझे कक्षाएं, उचित अध्ययन सामग्री और मॉक टेस्ट प्रदान नहीं किए.

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मैं जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले से सिविल सेवा का अभ्यार्थी हूं. मैं पिछले साल दिसंबर में सिविल सर्विस मेन्स परीक्षा के लिए टेस्ट सीरीज में शामिल हुआ. जिसके बारे में मुझे टेलीग्राम पर यूपीएससी (UPSC) मेन्स साइकोलॉजी ग्रुप के माध्यम से पता चला था कि वे ऑनलाइन टेस्ट लेते हैं.

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मैंने उन्हें पेटीएम के जरिए 9,100 रुपये दिए. पैकेज में उन्हें 12 टेस्ट लेने थे और हर टेस्ट के तीन दिनों के भीतर टेस्ट पेपर की जांच होनी थी.

लेकिन ऐसा नहीं हुआ!

जब मैंने अपना पहला टेस्ट दिया, तो उन्होंने 12-13 दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. मैंने कई कॉल किए और फिर उस टेस्ट पेपर की जांच की गई लेकिन वह भी ठीक से चेक नहीं किया गया.

जम्मू-कश्मीर के मोईन अहमद ने मैग्नस आईएएस इंस्टीट्यूट में टेस्ट सीरीज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था.

(फोटो क्रेडिट: मोईन अहमद)

बाद में जब मैंने अगला टेस्ट दिया, तो मेरा पेपर चेक नहीं किया गया और कई कॉल करने के बावजूद उन्होंने इसे चेक नहीं किया. सिर्फ बहाना बनाए.

संस्थान में अपने साथी अभ्यर्थियों से बात करने के बाद, मुझे पता चला कि वे भी इसी समस्या का सामना कर रहे हैं. एक साथी सिविल सेवा अभ्यार्थी केरल के हनी जॉर्ज की भी कुछ ऐसी ही कहानी थी.

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"मुझे इस संस्थान के बारे में गूगल के माध्यम से पता चला. मैंने मनोविज्ञान विषय के प्रमुख व संस्थान के प्रभारी ऋत्विक जायसवाल से बात की. मैंने संस्थान के निदेशक अरुण कुमार से भी बात की. वे दोनों मुझे कोर्स की गुणवत्ता के वजह से कोर्स चुनने के लिए मनाने में सफल रहे.
हनी जॉर्ज, अभ्यर्थी

केरल के हनी जॉर्ज ने मनोविज्ञान में पूर्ण पाठ्यक्रम का विकल्प चुनी थी.

(फोटो क्रेडिट: हनी जॉर्ज)

केवल प्री-रिकॉर्डेड वीडियो, कोई ऑनलाइन क्लास नहीं

हनी कहती हैं "मैंने 12,500 रुपये (5 जून 2021) का पहला भुगतान किया और मुझे रिकॉर्ड किए गए वीडियो की एक्सेस दी गई. मैंने रिकॉर्ड किए गए वीडियो देखे और मैंने उन्हें अस्पष्ट पाया. मैं पूरी तरह से समझ नहीं पा रही थी कि क्या पढ़ाया जा रहा है. इसलिए, मैं ऋत्विक को लाइव सत्र प्रदान करने के लिए कहा,जैसा कि उन्होंने पहले उल्लेख किया था"

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उससे बातचीत करने पर मुझे पता चला कि उसे लाइव क्लास नहीं दी जाती थी और संबंधित लोग बहाने बनाने लगते थे.

उन्होंने यह कहते हुए इसे ठुकरा दिया कि लाइव सत्र होल्ड पर हैं क्योंकि प्रीलिम्स 2021 आ रहा है. मुझे विश्वास था, और मैंने हमारे बैच के शुरू होने का इंतजार किया. हमारा बैच सितंबर के मध्य (2021) में शुरू होने वाला था. इस बीच, पहला भुगतान करने के 29 दिन बाद उन्होंने मुझे दूसरा भुगतान करने के लिए कहा और मैंने 11,000 रुपये का भुगतान किया."
हनी जॉर्ज, अभ्यर्थी

उसने इंतजार किया लेकिन उचित कक्षाएं वास्तव में कभी नहीं हुईं और वे केवल 6-7 क्लासेस की व्यवस्था कर सके. सिर्फ हम दोनों ही नही कम से कम 30-40 छात्र इस मुद्दे को लेकर शिकायत कर रहे हैं.

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कंज्यूमर कोर्ट पहुंचे छात्र

छात्र उपभोक्ता अदालत में पहुंच गए हैं, साइबर सेल से शिकायत की है और मामले में न्याय पाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं.

एक अन्य साथी अभ्यर्थी जिसने नाम छापने से इनकार कर दिया, ने कहा,

"सिविल सेवाओं में 4 प्रयासों के बाद, मुझे पहली बार मुख्य परीक्षा लिखने का मौका मिल रहा था. परीक्षा 15 जनवरी 2022 के लिए निर्धारित की गई थी और 1 नवंबर 2021 को मैंने मैग्नस आईएएस से टेस्ट सीरीज़ के लिए पंजीकरण किया था. टेस्ट सीरीज की फीस 10,500 रुपये थी. सोलह टेस्ट, कक्षाएं, एक-एक सत्र, और कई अन्य चीजों का वादा किया गया था लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. जनवरी में उपभोक्ता मंच पर पहुंचने के बाद, जब हमें मैग्नस आईएएस से पहला औपचारिक मेल मिला, जिसमें कहा गया था कि वे पैसे वापस करेंगे. क्योंकि वे टेस्ट सीरीज आयोजित नहीं कर सके लेकिन फिर भी उन्होंने इसे वापस नहीं किया.
अभ्यर्थी

कई छात्रों का कहना है कि वे गंभीर तनाव से गुजरे हैं क्योंकि वे संस्थान के कारण परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे थे.

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वह आगे कहती हैं "उसके बाद, हम साइबर सेल में गए हैं और सभी औपचारिक चैनलों का उपयोग किया है और अब 6-7 महीने हो गए हैं लेकिन हमारे पास अभी तक कोई समाधान नहीं है"

हमें सुविधाओं का लाभ उठाए बिना भुगतान करने के लिए ठगा गया है. हम अपना पैसा वापस चाहते हैं. उन्होंने हमारे कॉल लेना और हमारे मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया है.

संस्थान की प्रतिक्रिया

क्विंट ने प्रतिक्रिया के लिए मैग्नस आईएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट से संपर्क किया. एक लिखित प्रतिक्रिया में संस्थान कहता है, "हमारा पूरा पाठ्यक्रम पहले ही वेबसाइट पर प्रकाशित है. कक्षाएं, नोट्स, अध्ययन सामग्री इत्यादि. एक बार जब छात्र भुगतान कर देता है और वेबसाइट की एक्सेस प्रदान कर दी जाती है, तो उसे एक्सेस मिल जाती है और हमारे सभी वीडियो और नोट्स डाउनलोड करने का विकल्प भी"

लाइव कक्षाओं के मुद्दे के बारे में, संस्थान का कहना है, "हमने मूल्य निर्धारण पेज और नियम और शर्तों पेज पर भी इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है. कि लाइव कक्षाएं केवल डाउट्स को स्पष्ट करने के लिए ली जाएंगी और उन्हें एक पूरक के तौर पर नि:शुल्क और लाइव कक्षाएं पेड प्रोग्राम का हिस्सा नहीं हैं. वे सभी के लिए चलाई जाती हैं और इसकी रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर उपलब्ध है."
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हालाँकि, संस्थान ने टेस्ट सीरीज़ को ठीक से नहीं ले पाने की बात स्वीकार की, “हमने उन छात्रों को भरपाई की है, जो पीड़ित हैं क्योंकि हम खुद COVID के दौरान अपनी टीम और उनके परिवार के स्वास्थ्य के साथ कठिन समय बिता रहे थे.”

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टॉपिक:  UPSC   UPSC Coaching 

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