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'6 महीने से अधिक समय से अपनी सैलरी का इंतजार कर रही हूं’: दिल्ली स्कूल टीचर

"मुझे बैकडेट से रिटायरमेंट पेपर पर साइन करने के लिए कहा गया "

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मेरा नाम चित्रा श्रीवास्तव है और मै पिछले 23 सालों से इंद्रप्रस्थ वर्ल्ड स्कूल, पश्चिम विहार, नई दिल्ली में हिंदी पढ़ाती हूं.

इस साल फरवरी में, मुझे जनवरी 2021 के महीने की सैलरी नहीं मिली. इसके लिए मैंने स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन से संपर्क किया. मुझे शुरू में कहा गया था कि स्कूल के अकाउंट डिपार्टमेंट से पेमेंट में देरी हो रही है. मैंने धैर्यपूर्वक इंतजार किया और सैलरी कभी नहीं आई, लेकिन मैंने क्लास लेना जारी रखा.

1 मार्च 2021 को, मुझे स्कूल प्रिंसिपल का एक फोन कॉल आया कि मैं तुरंत स्कूल आऊं और एडमिनिस्ट्रेशन से मिलूं, जिसमें चेयरमैन, प्रिंसिपल और HR मैनेजर शामिल थें.

मुझे आश्चर्य हुआ क्योंकि मीटिंग में मुझे बैकडेट से रिटायरमेंट पेपर पर साइन करने के लिए कहा गया था. उस लेटर में लिखा था, "श्रीमती, चित्रा श्रीवास्तव TGT 05.02.2020 को रिटायरमेंट की आयु प्राप्त कर रही हैं और 29.02.2020 (दोपहर) को रिटायर हो गई हैं.”

मैंने उस समय उस अनैतिक डॉक्यूमेंट पर साइन करने से इनकार कर दिया था, इसलिए बाद में उन्होंने मेरे पते पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से लेटर भेजा.

हालांकि यह सच है कि 5 फरवरी 2020 को मेरी रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष हो गई थी, लेकिन स्कूल ने मुझे कभी रिटायर होने के लिए नहीं कहा और 28 फरवरी 2021 तक मेरी शिक्षण सेवाओं का लाभ उठाया. वास्तव में 60 वर्ष की होने से दो महीने पहले ही मई स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन के पास गई थी ताकि मेरे रिटायरमेंट की औपचारिकताओं को शुरू किया जाए. लेकिन तब मुझे मौखिक रूप से काम जारी रखने के लिए कहा गया था.

अब छह महीने से अधिक हो गए हैं, मैं अभी भी अपनी सैलरी , ग्रेच्युटी और PF का इन्तजार कर रही हूं.

अप्रैल 2021 में मै और मेरे 67 वर्षीय रिटायर्ड पति COVID पॉजिटिव हो गए थे. मुझे पैसे की सख्त जरूरत थी. मैंने बार-बार अपना बकाया मांगा था, जिस पर मुझे स्कूल से कोई जवाब नहीं मिला. मुझे इलाज के बिलों को चुकाने के लिए अपने रिश्तेदारों से पैसे के लिए अनुरोध करना पड़ा. सैलरी और काम अचानक बंद होने के कारण मैं अपने घर का किराया नहीं दे सकी और मुझे गुरुग्राम में अपने बेटे के घर जाना पड़ा.

इस भयानक घटना के साथ-साथ COVID-19 से लड़ाई ने मेरे स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है. उम्र के इस पड़ाव पर, मैं अपनी जीवन का लगभग40% एक ऐसी संस्था को समर्पित करने के बाद पूरी तरह से टूट गयी हूं जिसने मेरे सभी योगदानों को बिना मान्यता और उपेक्षित छोड़ दिया है.

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मुझे उम्मीद है कि स्कूल मुझे सम्मान के साथ विदाई देगा और मेरा एक पूर्ण और अंतिम सेटलमेंट करेगा जिसके लिए मैंने काम किया और मैं जिसके लिए पात्र हूं.

द क्विंट ने कई बार ई-मेल और फोन कॉल के द्वारा इंद्रप्रस्थ वर्ल्ड स्कूल, पश्चिम विहार, नई दिल्ली से संपर्क की कोशिश की. हमे उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है. प्रतिक्रिया मिलने पर स्टोरी को अपडेट किया जाएगा.

(सभी 'माई रिपोर्ट' ब्रांडेड स्टोरिज सिटिजन रिपोर्टर द्वारा की जाती है, जिसे क्विंट पेश करता है. हालांकि, क्विंट प्रकाशन से पहले सभी पक्षों के दावों / आरोपों की जांच करता है. रिपोर्ट और ऊपर व्यक्त विचार सिटिजन रिपोर्टर के निजी विचार हैं. इससे क्‍व‍िंट का सहमत होना जरूरी नहीं है.)

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