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JNU में फिर आपस में भिड़े ABVP और लेफ्ट विंग के छात्र, एक दूसरे पर लगाए आरोप

जवाहरलाल नेहरू की जयंती के मौके पर छात्र संघ हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प.

Published
भारत
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<div class="paragraphs"><p>जेएनयू में हिंसा के बाद विरोध प्रदर्शन</p></div>
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर से हिंसा को लेकर सुर्खिोयों में है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNSU) के सदस्यों के बीच रविवार 14 नवंबर की रात झड़प हो गई. इस झड़प में अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और दूसरे छात्र संगठन भी शामिल थे. यह मारपीट जवाहरलाल नेहरू की जयंती के मौके पर छात्र संघ हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई. इसमें कई छात्र घायल हो गए.

पुलिस ने बताया कि छात्र संगठन ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं और एक दूसरे खिलाफ मामला भी दर्ज कराया है.

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JNUSU का आरोप

जेएनयूएसयू ने एक बयान में दावा किया कि "एबीवीपी द्वारा की गई हिंसा कोई अलग घटना नहीं है और ना ही इसे हल्के में लिया जाना चाहिए." बयान में आगे लिखा गया है कि, "जेएनयूएसयू एबीवीपी की आक्रामक रूप से नीच और अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियों का विरोध करता है."

जेएनयूएसयू ने आगे बताया कि 14 नवंबर को रीडिंग सेशन के लिए कमरा बुक किया गया था. हालांकि, वहां पहुंचने पर उस जगह पर एबीवीपी के करीब 15 सदस्य बैठे हुए थे. जेएनयूएसयू ने दावा किया है कि जब उन्हें जाने के लिए कहा गया तो एबीवीपी के छात्रों ने उनके साथ मारपीट की.

जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा आइसा अध्यक्ष एन साई बालाजी ने हिंसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और कहा कि "एबीवीपी केवल हिंसा करना जानता है".

"JNUSU जैसे अराजक और गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो"

वहीं एबीवीपी ने भी ट्वीट कर कहा, "जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर वामपंथियों ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है. एबीवीपी जेएनयू कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता है और जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस से मांग करता है कि ऐसे अराजक और गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए."

उन्होंने आगे दावा किया कि वामपंथी दलों ने एक्टिविटी सेंटर में बैठक आयोजित करने के लिए छात्रों पर हमला किया, एबीवीपी ने एक बयान में कहा, “जेएनयूएसयू और वाम दलों ने यह फरमान निकाला है कि केवल जेएनयूएसयू अध्यक्ष ही एक्टिविटी का उपयोग करने की अनुमति दे सकते हैं और इसे लागू करने के लिए उन्होंने टफलास में शांतिपूर्ण सभा करने वाले एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर सामूहिक रूप से हिंसा की."

पीटीआई के अनुसार साउथवेस्ट के डिप्टी पुलिस कमिश्नर गौरव शर्मा ने कहा, “पुलिस ने कॉल का तेजी से जवाब दिया. हमने मौके पर कोई झगड़ा होते हुए नहीं देखा. पूछताछ करने पर पता चला कि छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी."

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