CBSE की कोरोना पर पहल, इन हेल्पलाइन नंबर पर छात्र पूछें अपने सवाल
Coronavirus से सचेत और जागरूक करने के लिए सीबीएसई ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर.
Coronavirus से सचेत और जागरूक करने के लिए सीबीएसई ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर.(फोटो- cbse.nic.in)

CBSE की कोरोना पर पहल, इन हेल्पलाइन नंबर पर छात्र पूछें अपने सवाल

CBSE (केंद्रीय माध्यमिक श‍िक्षा बोर्ड) ने कोरोनावायरस को फैलने से रोकने और छात्रों को सचेत करने के लिए नए टेली हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. ये नंबर छात्रों के लिए कोरोना वायरस सुरक्षा उपायों पर जानकारी देने के लिए जारी किए गए हैं. इन हेल्पलाइन के जरिए दुनिया में फैले कोरोना वायरस को लेकर छात्रों को जागरूक किया जा रहा है. बता दें कि सीबीएसई की ओर से शुरू की गईं ये हेल्पलाइन बिल्कुल फ्री है.

Loading...

सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक, बोर्ड मानता है कि यह पहल छोटी है, लेकिन इसे लगातार जारी रखना जरूरी है. बोर्ड ये सुव‍िधा 24 मार्च से 31 मार्च तक या फिर 31 मार्च के आगे भी अगली घोषणा तक जारी रख सकता है. हेल्पलाइन सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे और दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक जारी रखने का फैसला लिया गया है.

ये है हेल्पलाइन नंबर

10 बजे से लेकर 1:30 बजे तक के हेल्पलाइन नंबर-
98999912742
8826635511
9717675196
9999814589
इन नंबरों पर विद्यार्थी सुबह दस बजे से लेकर डेढ़ बजे तक बातचीत कर सकते हैं.

2 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक के लिए सीबीएसई के टोल फ्री नंबर
9811892424
9899032914
9599678947
7678455217
7210526621

सीबीएसई ने छात्रों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर.
सीबीएसई ने छात्रों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर.
(फोटो- ANI)

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को लेकर सीबीएसई ने कक्ष 10 वीं और 12वीं की शेष बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है. इसके अलावा कई राज्यों में 31 मार्च तक स्कूलों को पूरी तरह से बंद रखा गया है. यूपी में 2 अप्रैल 2020 तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश राज्य सरकार ने दिया है.

ये भी पढ़ें : Post Office Recruitment 2020: 10वीं पास को भी मौका,ऐसे करें अप्लाई

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Follow our शिक्षा section for more stories.

    Loading...