बाढ़ से बेहाल कर्नाटक, डूबे घर की छत पर जा बैठा मगरमच्छ | वीडियो
बाढ़ से बेहाल कर्नाटक, डूबे घर की छत पर जा बैठा मगरमच्छ | वीडियो 
(फोटोः ANI)

बाढ़ से बेहाल कर्नाटक, डूबे घर की छत पर जा बैठा मगरमच्छ | वीडियो

देश के कई हिस्से बाढ़ से बेहाल है. कर्नाटक में भी इन दिनों बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है. इंसानों से लेकर पशु-पक्षी तक बाढ़ की विभीषका झेल रहे हैं. कर्नाटक का बेलगाम जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है. जंगल से लेकर रिहायशी इलाके भी बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं.

इसी वजह से जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में घुस गए हैं. जलीय जीवों को भी आबादी वाले इलाकों में देखा जा सकता है. ऐसा ही नजारा सोमवार को दिखा, जब बाढ़ की वजह से पानी में डूब चुके एक घर की छत पर मगरमच्छ बैठा दिखा.

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

छत पर आराम फरमा रहे मगरमच्छ का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. ये वीडियो बेलगाम के रायबाग इलाके का बताया जा रहा है. वीडियो में मगरमच्छ घर की सीमेंट की चादरों से बनी छत पर पड़ा हुआ है और घर के आसपास जलसैलाब नजर आ रहा है.

लोगों ने इस घटना को कैमरे में कैद कर लिया. बता दें कि कर्नाटक, केरल और गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं.

बता दें, अभी कुछ ही दिन पहले बाढ़ से बेहाल वडोदरा की राजहंस सोसायटी में भी एक मगरमच्‍छ पहुंच गया था, जिसने एक कुत्‍ते को काटने की कोशिश की थी.

कर्नाटक के 14 जिले बाढ़ से बेहाल

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने केंद्र सरकार से उत्तर-पश्चिम और तटीय क्षेत्रों में राज्य के 14 बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों के लिए 3,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि की मांग की है, जो एक अगस्त से ही भारी मॉनसूनी बारिश और तूफान से प्रभावित है.

येदियुरप्पा ने कहा, "मैंने राहत कार्यों के लिए 3,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की मांग की है. उत्तर-पश्चिम, मध्य और तटीय क्षेत्रों में राज्य के 14 जिलों में भारी मॉनसूनी बारिश और बाढ़ से पिछले 10 दिनों के दौरान 24 लोगों की मौत हुई है और लगभग 14,000 मकानों को नुकसान पहुंचा है."

  • राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए पिछले 2-3 दिनों में 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं. प्रभावित जिलों में स्थिति की समीक्षा करने के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन ने 24 लोगों की जान ली है, जबकि 2,35,105 लोगों को निकाल कर सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाया गया.
  • प्रभावित क्षेत्रों में 624 राहत शिविरों में शरण लेने वाले 1,57,498 लोगों को पीने का पानी, भोजन, दवाइयां, कपड़े, कंबल और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं और उनके क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत की जा रही है.
  • प्रभावित जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर है.
  • बाढ़ से सड़क, राजमार्ग, सरकारी इमारतें, बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और अन्य बुनियादी सुविधाओं सहित सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है.
  • क्षतिग्रस्त सड़कों और राजमार्गो की लंबाई 2,450 किमी है और 1,427 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है, क्योंकि 530 पुल और 56 सार्वजनिक भवन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.
  • बाढ़ की वजह से 3,22,448 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान हुआ है और किसानों को राज्य और केंद्रीय कृषि बीमा योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा.
  • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 44,013 मवेशियों को भी बाहर निकालकर शेल्टर होम्स में ले जाया गया, लेकिन 222 पशुधन बाढ़ में मारे गए.
  • राज्य के 14 प्रभावित जिले - बगलकोट, बेलागवी, बीजापुर (विजयपुरा), चिकमंगलूरु, दक्षिण कन्नड़, धारवाड़, गडग, हासन, हुबली, कोडागू, मैसूर, शिवमोगा, उडुपी और उत्तर कन्नड़ हैं.

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