हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से कोरोना के इलाज पर AIIMS निदेशक की राय

घर पर पालतू जानवर को रखना सुरक्षित हैं. 

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भारत
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कोरोना पालतू जानवर से नहीं इंसान से इंसान में फैलता है
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देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे है वहीं इसके संक्रमण को लेकर लोगों के अंदर भ्रांति है कि क्या कोरोना वायरस पालतू जानवर से भी फैल सकता है. हालांकि ऐसी कोई रिसर्च सामने नहीं आई है कि यह वायरस पालतू जानवर से फैल सकता है. यह वायरस केवल इंसान से इंसान में फैलता है. पालतू जानवरों से मनुष्यों में इसके प्रसार की संभावना बहुत कम है. इसलिए घर पर पालतू जानवर को रखना सुरक्षित हैं. एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया के साफ किया है,

ऐसा कोई डाटा नहीं है कि जिससे पता चलता हो कि कोविड 19 पालतू जानवरों में फैल सकता है, कोविड- 19 का प्रसार मुख्य रूप से एक इंसान से दूसरे इंसान में होता है.

दुनिया इस समय कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है लेकिन अभी तक किसी के पास वैक्सीन नहीं हैं. इसको लेकर कुछ रिसर्च सामने आई है कि मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोक्वीन को इसके इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है. जिसके बाद इस दवा की मांग बढ़ गई है.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से हर किसी का इलाज नहीं

दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि इससे हर किसी का इलाज नहीं किया जा सकता. हर दवा की तरह इसके भी कुछ दुष्प्रभाव हैं. गुलेरिया ने कहा, 'कुछ लैब का डाटा बताते हैं कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोविड-19 पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है. लेकिन यह डाटा इतना पक्का नहीं है.

आईसीएमआर के विशेषज्ञों ने महसूस किया कि यह कोविड-19 रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों और मरीजों की देखभाल में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए सहायक हो सकता है.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से हर किसी का इलाज नहीं हो सकता. इससे हृदय विषाक्त हो सकता है जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है. हर दवा की तरह इसके भी कुछ दुष्परिणाम हैं. यह आम जनता को फायदा पहुंचाने के बजाए नुकसान ज्यादा कर सकता है.'

भारत में कोरोना के मामले 8000 के पार

भारत में कोरोना वायरस के मामलों का बढ़ना फिलहाल थमता नहीं दिख रहा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में COVID-19 के 7367 एक्टिव केस हैं, जबकि अब तक 8356 कन्फर्म केस सामने आए हैं. भारत में कोरोना वायरस के चलते 273 लोगों की मौत हो चुकी है. 715 ठीक/डिस्चार्ज हो चुके हैं. कुल कन्फर्म केस में एक माइग्रेटेड मरीज भी शामिल है.

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