टूलकिट केस: दिशा रवि को मिलेगी जमानत या नहीं? फैसला आज

दिशा रवि को 13 फरवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था 

Published
भारत
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 दिशा रवि 
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दिल्ली की एक अदालत किसान आंदोलन से संबंधित टूलकिट के मामले में मंगलवार को क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि की जमानत याचिका पर फैसला सुना सकती है. इससे पहले सोमवार को मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने रवि को पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इस मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने दो संदिग्धों निकिता जैकब और शांतनु मुलुक से भी पूछताछ की है. ये दोनों इस समय ट्रांजिट जमानत पर हैं.

रवि को सोमवार को तीन दिन की न्यायिक रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया था. उन्होंने अपने वकील के जरिए जांचकर्ताओं की अर्जी का यह कहते हुए विरोध किया कि जिन लोगों के साथ उनका आमना-सामना कराया जाना है, वे जमानत पर हैं. हालांकि, अभियोजन पक्ष ने कहा कि जैकब और मुलुक की जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी हो सकती है.

अभियोजन पक्ष ने कानून के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के बाद सिर्फ 15 दिन तक हिरासत में पूछताछ की जा सकती है. उसने कहा, “तीनों आरोपियों की संलिप्तता थी. हमें तीनों का आमना-सामना कराना होगा. हिरासत में पूछताछ के लिए हमारे पास केवल सात दिन का समय है.”

दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए सोशल मीडिया पर जारी ‘टूलकिट गूगल दस्तावेज’ की जांच के सिलसिले में 13 फरवरी को बेंगलुरु से दिशा रवि को गिरफ्तार किया था. इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जैकब और मुलुक को ट्रांजिट जमानत दे दी थी.

पुलिस ने आरोप लगाया था कि टूलकिट कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन की आड़ में भारत में अशांति पैदा करने और हिंसा फैलाने की वैश्विक साजिश का हिस्सा थी.

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