कृषि कानूनों पर SC की फटकार, विपक्ष ने कहा- PM खुद करें रद्द

कृषि कानूनों को होल्ड करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई है फटकार, विपक्ष हुआ हमलावर

Published
भारत
3 min read
कृषि कानूनों को होल्ड करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई है फटकार, विपक्ष हुआ हमलावर
i

किसान आंदोलन को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि- क्या आप खुद कृषि कानूनों को होल्ड पर रखेंगे या फिर हम इन पर रोक लगाएं? इस आंदोलन को सरकार जिस तरह से हैंडल कर रही है उसे लेकर सीजेआई बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने नाराजगी जताई. सुप्रीम कोर्ट की इस कड़ी फटकार के बाद अब किसानों का समर्थन कर रहे विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर हमला तेज कर दिया है.

जयराम रमेश बोले- ये ‘मोदी का ईगो’

सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश की तरफ से ट्वीट किया गया. जिसमें उन्होंने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने लिखा,

“सुप्रीम कोर्ट ने आज कृषि कानूनों को होल्ड पर रखने को लेकर बिल्कुल सही पूछा कि, किस बात का अहम है? जिसका उत्तर स्वाभाविक है- ये सब कुछ मी (ME) के लिए है (मोदी का ईगो)“

वहीं हरियाणा की पार्टी इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) ने एक बार फिर किसानों को समर्थन दिया है. पार्टी के नेता अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा विधानसभा के स्पीकर को एक चिट्ठी लिखी है. जिसमें उन्होंने कहा है कि, अगर 26 जनवरी तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तो इस चिट्ठी को राज्य विधानसभा से मेरे इस्तीफे के रूप में स्वीकार किया जाए. इससे पहले आईएनएलडी ने किसानों के समर्थन में निकाय चुनावों का बहिष्कार करने की बात कही थी.

कांग्रेस ने कहा- पीएम करे कानून रद्द करने की घोषणा

कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर अब मोदी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,

“सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि आपसे नहीं होता तो हम कृषि कानूनों पर रोक लगा देते हैं. PM को देश के सामने आकर कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा करनी चाहिए. मोदी सरकार कानूनों में 18 संशोधन करने के लिए तैयार है, साफ है कि ये कानून गलत हैं.”

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी इस मामले को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि, "मैं तो शुरू से कह रहा हूं कि 3 नए कृषि कानून लेकर आए हैं, तो MSP पर चौथा भी ले आएं. अगर MSP से कम पर कोई भी खरीदेगा तो उसमें सजा का प्रावधान कर दीजिए. वही आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा. ये कृषि कानून किसानों के हित के लिए नहीं हैं."

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सुप्रीम कोर्ट की फटकार से ठीक पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने ट्विटर पर लिखा,

"भाजपा सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील होकर जिस प्रकार उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है, वो सीधे-सीधे अन्नदाता का अपमान है. घोर निंदनीय! अब तो देश की जनता भी किसानों के साथ खड़ी होकर पूछ रही है: दुनिया में उठता हुआ धुआं दिखता है जिन्हें, घर की आग का मंजर, क्यों न दिखता उन्हें."

किसान नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट को कहा- धन्यवाद

किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के इस मामले का संज्ञान लिया, इसके लिए हम धन्यवाद देते हैं. टिकैत ने फिर साफ किया कि आंदोलन कानूनों को खत्म करने के लिए जारी है.

किसान सुप्रीम कोर्ट में हुई इस सुनवाई को लेकर पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे थे, लेकिन जब पता लगा कि सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को भी मामले की सुनवाई करेगा तो इसे रद्द कर दिया गया. अब कल सुप्रीम कोर्ट कृषि कानूनों को लेकर कोई अहम फैसला सुना सकता है.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!