कर्नाटक के हुबली कोर्ट में राजद्रोह आरोपी कश्मीरी छात्रों की पिटाई

हुबली के बार एसोसिएशन ने आपसी सहमति से तय किया है कि वो इन कश्मीरी छात्रों का केस नहीं लड़ेंगे

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भारत
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जब इन छात्रों को कोर्ट ले जाया जा रहा था तभी कथित तौर पर कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इन छात्रों पर हमला करने की कोशिश की.
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3 कश्मीरी छात्रों को 15 फरवरी के दिन देशद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया. अब हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर आर दिलीप ने क्विंट को बताया है कि 17 फरवरी को उन छात्रों को कोर्ट ने 2 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जब इन छात्रों को कोर्ट ले जाया जा रहा था तभी कथित तौर पर कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इन छात्रों पर हमला करने की कोशिश की. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा.

इसके पहले रविवार को छात्रों को सीआरपीसी की धारा 169 के तहत बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया गया था. पुलिस कमिश्नर आर दिलीप ने इन छात्रों की फिर से गिरफ्तारी पर कुछ कहना से मना कर दिया.

इन छात्रों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. मैं प्रक्रिया पर कमेंट नहीं करना चाहता. उनको गिरफ्तार किया गया था और अब उनको कोर्ट में पेश किया गया. 
आर दिलीप, पुलिस कमिश्नर

रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीरी छात्रों को रविवार को रिहा किए जाने के बाद किसी गुमनाम जगह पर रखा गया. उनके परिवारवाले 17 फरवरी तक पहुंचने वाले हैं.

हुबली के बार एसोसिएशन ने आपसी सहमति से तय किया है कि वो इन कश्मीरी छात्रों का केस नहीं लड़ेंगे. छात्रों ने कोर्ट में बताया कि उनको  पुलिस ने फिजिकली टॉर्चर नहीं किया.

क्या है मामला?

कश्मीर के इन छात्रों पर आरोप है कि इन्होंने पुलवामा हमले की बरसी पर कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए. पुलिस के मुताबिक तीनों इंजीनियरिंग के स्टूडेंट हैं. इन तीनों छात्रों का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें तीनों छात्र अपना परिचय दे रहे हैं. लेकिन पीछे एक गाना भी बज रहा है, जिसमें पाकिस्तान जिंदाबाद सुनाई देता है. वहीं एक छात्र वीडियो के बीच में नारे लगाता भी दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ लोग युवकों को पीटने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने किसी तरह उन्हें बचा लिया. इस दौरान संगठन के लोग उन्हें धमकाते भी नजर आए.

दिलीप ने कहा, “तीनों की पहचान अमीर, बासित व तालिब के रूप में हुई है. ये कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले हैं.
दिलीप ने कहा, “तीनों की पहचान अमीर, बासित व तालिब के रूप में हुई है. ये कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले हैं.
(Photo Courtesy: Screenshot)

कौन हैं ये तीनों छात्र?

दिलीप ने कहा, "तीनों की पहचान अमीर, बासित व तालिब के रूप में हुई है. ये कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले हैं. इन पर केएलईएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की शिकायत पर राष्ट्र विरोधी नारे लगाकर सामुदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने को लेकर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124 की तहत मामला दर्ज की किया गया है." यह धारा राज्य के खिलाफ अपराधों से जुड़ी है.

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