कानपुर मुठभेड़ में SHO पर ही मुखबिरी का शक, STF को सौंपी गई जांच

कॉल डीटेल से पता चला, दुबे के संपर्क में था एसएचओ

Updated04 Jul 2020, 11:40 AM IST
भारत
3 min read

कानपुर एनकाउंटर मामले में पुलिस के एसएचओ पर ही शक की सुई घूम रही है. बताया जा रहा है कि उसी ने विकास दुबे को पुलिस टीम के आने की सूचना दी थी. एसएचओ को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही मामले की जांच अब एसटीएफ को सौंप दी गई है. एसएचओ खुद भी इस ऑपरेशन में शामिल था, लेकिन पीछे-पीछे चल रहा था. साथ ही उसकी कॉल डीटेल से भी पता चला है कि वो दुबे के संपर्क में था.

उधर कानपुर मुड़भेड़ के बाद थाना प्रभारी चौबेपुर विनय तिवारी से लगातार स्पेशल टास्क फोर्स पूछताछ कर रही है. मामला सामने निकल कर ये भी आ रहा है कि विनय तिवारी और थाने के स्टाफ से विकास दुबे के काफी नजदीकियां भी थी. इस मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं.

मोर्चा छोड़कर भागा था एसएचओ

आईजी जोन कानपुर मोहित अग्रवाल ने इस मामले को लेकर कहा,

विकास दुबे के ठिकाने और में पुलिस लगातार गश्त कर रही है कानपुर जनपद के 40 थानों की फोर्स इस अपराधी को पकड़ने के लिए लगा दी गई है. चौबेपुर थाना अध्यक्ष विनय तिवारी को निलंबित कर दिया गया है. जिस समय मुठभेड़ हुई थी उस समय मौके से विनय तिवारी भाग गए थे. विनय तिवारी ने डटकर अपराधियों का मुकाबला किया होता और जवाब में फायरिंग की गई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना न होती.
आईजी जोन कानपुर, मोहित अग्रवाल

आईजी ने कहा कि, अपराधी जल्द से जल्द पकड़ लिए जाएंगे वहीं अपराधियों ने अवैध तरीके से जो भी संपत्ति बनाई गई है, उनको नष्ट किया जाएगा और उनके ऊपर भी अगर जिंदा पकड़े गए तो NSA और गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी.

शहीद के पिता ने उठाए सवाल

कानपुर के बिकरु गांव मे पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में औरैया का रहने वाला सिपाही राहुल भी शहीद हुआ था. राहुल का पार्थिव शरीर उसके गांव रुरुकला पहुंचा तब पूरा गांव गमगीन था. इस दौरान उनके पिता ओम कुमार और राहुल की बड़ी बहन नन्दनी ने मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली और पुलिस महकमे और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए.

शहीद सिपाही राहुल के पिता ने कहा महकमे की गद्दारी से बेटा शहीद हुआ. उन्होंने कहा कि इस अनहोनी को कोई टाल नहीं सकता है. अचानक हुए हमले के चलते वो लोग संभल नहीं पाए. इसमें किसी अपने का ही हाथ है, किसी ने दुबे को बताया कि तुम्हारे घर पर दबिश देने पुलिस आ रही है.

इसके अलावा राहुल की बहन ने कहा- पुलिसवालों को हेलमेट वगैरह की सुविधा क्यों नहीं दी, सरकार पुलिस को सपोर्ट नहीं करती इसलिए ये हुआ है. मुठभेड़ पर जा रहे थे पूरी तैयारी क्यों नहीं थी? नेताओं की सुरक्षा में 20-20 पुलिस वाले और जवानों को कुछ नहीं.

उन्होंने बताया कि जब राहुल मुठभेड़ में जा रहा था, तब उसने घर पर भी बताया था. तो पापा ने बोला कि मुड़भेड़ में जा रहा है, संभल कर जाना.
शहीद सिपाही राहुल जिनके परिवार ने आरोप लगाए हैं
शहीद सिपाही राहुल जिनके परिवार ने आरोप लगाए हैं
(फोटो: क्विंट हिंदी)

पूर्व DGP जता चुके हैं शक

इससे पहले इस एनकाउंटर के ठीक बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने भी इसी बात का शक जाहिर किया था. उन्होंने कहा था कि दुबे के पास पुलिस के आने की पूरी जानकारी थी. उन्होंने कहा था,

“अभियुक्त को पूरी जानकारी थी कि पुलिस का दल आ रहा है. इसिलए उसने मेन रोड पर जेसीबी मशीन लगा दिया था, जिससे रास्ता बंद हो जाए. इसके अलावा उसे पास जो हथियारों जखीरा था, इसे ये बात साबित हो जाती है कि उसे अच्छी तरह से पता था कि पुलिस की टीम आ रही है. पुलिस के ऊपर ये अप्रत्याशित घटना थी, उनको भी अंदाजा नहीं था कि उनके ऊपर ऐसे अचानक से हमला हो जाएगा.”
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह

बता दें कि कानपुर में पुलिस की एक टीम अपराधी विकास दुबे की तलाश में गई थी. गुरूवार शाम करीब चार थानों की पुलिस ने डीएसपी के नेतृत्व में गांव में दबिश दी. पर विकास दुबे सारी योजना बना चुका था. उसने रास्ते में जेसीबी खड़ी करवा दी, ताकि पुलिस वाले बिखर जाएं, साथ में आसपास के घरों पर अपने आदमी तैनात कर दिए. इसके बाद पुलिस की टीम पर घरों की छतों से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. जिसमें पुलिसकर्मियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. इस हमले में कुल 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि दो बदमाशों को भी मार गिराया.

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Published: 04 Jul 2020, 10:48 AM IST
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