उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों के शुरुआती नतीजों में बीजेपी, कांग्रेस और सपा को जबरदस्त धक्का लगता दिख रहा है.
इन चुनावों में सभी बड़े दलों के उम्मीदवारों को निराशा का सामना करना पड़ा है.
राहुल गांधी की संसदीय क्षेत्र अमेठी में पड़ने वाली आठ पंचायत सीटों में से एक पर भी कांग्रेस बढ़त में नहीं है. इन सीटों पर सपा और बसपा के उम्मीदवारों ने बढ़त बनाकर रखी हुई है.
नहीं चला पीएम मोदी का जलवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी में भी बीजेपी को नुकसान हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत एक गांव जयापुर को गोद लिया था. लेकिन, इस गांव में भी पीएम मोदी का प्रभाव काम नहीं आया और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने बीजेपी के उम्मीदवार को हरा दिया है.
सपा भी मुश्किल में
कांग्रेस, बीजेपी की तरह सपा भी इस चुनाव में पिछड़ती दिख रही है. सपा सरकार के मंत्री मनोज कुमार पांडे, एसपी यादव और मंत्री दर्जे के सपा नेता विद्यावती के रिश्तेदार भी अपनी-अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं.
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, सपा मंत्री कैलाश यादव के बेटे अपनी सीट पर पीछे चल रहे हैं, जबकि सपा के ही एक और नेता और गाजीपुर जिला पंचायत के मौजूदा चेयरमैन शिशुपाल यादव हार की कगार पर हैं.
राज्य के 819 ब्लॉक मुख्यालयों में जिला और ब्लॉक पंचायत चुनावों में हुए मतदान की गणना की जा रही है जो रविवार को शुरू हुई थी.
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