राफेल डील: राहुल गांधी के आरोपों को रिलायंस डिफेंस ने किया खारिज

राफेल मामले पर एक ईमेल को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद रिलायंस डिफेंस ने अपना पक्ष सामने रखा है

Updated12 Feb 2019, 04:57 PM IST
भारत
2 min read

एक ईमेल को लेकर राफेल मामले पर पैदा हुए विवाद के बाद रिलायंस डिफेंस ने अपना पक्ष सामने रखा है. कंपनी ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने कथित ईमेल में जिस MoU का जिक्र किया है, उसका भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच 36 राफेल विमानों के सौदे से संबंध नहीं था.

रिलायंस डिफेंस ने कहा, ''प्रस्तावित MoU पर चर्चा साफ तौर पर एयरबस हेलिकॉप्टर और रिलायंस डिफेंस के बीच सहयोग को लेकर थी. भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच 36 राफेल विमानों के समझौते से इसका कोई संबंध नहीं था.''

ईमेल को लेकर ये बोले राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राफेल मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक ईमेल का जिक्र किया.

ये एक ईमेल है जो एयरबस कंपनी के एग्जीक्यूटिव ने लिखी है कि फ्रांस के डिफेंस मिनिस्टर के ऑफिस में अनिल अंबानी गए थे, जिसमें उन्होंने कहा कि पीएम मोदी आएंगे वो एक एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे. डील के बारे में भारत के डिफेंस मिनिस्टर को नहीं पता, HAL को नहीं पता लेकिन डील से 10 दिन पहले अनिल अंबानी को कैसे पता चला? पहले ये भ्रष्टाचार का मामला था अब ये ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का मामला हो गया है. डिफेंस की सीक्रेट बात बाहर कैसे आई. पीएम मोदी ने ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का उल्लंघन किया है. इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री अनिल अंबानी के मिडिलमैन की तरह काम कर रहे थे.
राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

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ईमेल को लेकर सामने आई ये रिपोर्ट

अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक, मार्च 2015 के चौथे हफ्ते में अनिल अंबानी ने फ्रांस के तत्कालीन रक्षा मंत्री जीन वेस ली ड्रायन के पेरिस दफ्तर में डिफेंस अधिकारियों से मुलाकात की थी. यह वो वक्त था, जिसके 2 हफ्ते बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का ऐलान किया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में ली ड्रियन के विशेष सलाहकार जीएन-क्लॉड मैलेट, इंडस्ट्री एडवाइजर क्रिस्टोफ सोलोमन और उनके टेक्निकल मामलों के तकनीकी सलाहकार जियोफ्रे बोउकोट ने हिस्सा लिया था.

रिपोर्ट में एक बात ये भी सामने आई है कि एक अधिकारी जिसे कि बैठक के बारे जानकारी दी गई थी, उसके मुताबिक, अंबानी ने एयरबस की कॉमर्शियल और डिफेंस हेलीकॉप्टर के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की थी. इसी मुलाकात का जिक्र करते हुए उस अधिकारी ने बताया कि अनिल अंबानी ने एक समझौता (एमओयू) का भी जिक्र किया था. जिसे तैयार किया जा रहा था और पीएम मोदी की यात्रा के दौरान उस पर हस्ताक्षर होने थे.

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Published: 12 Feb 2019, 11:41 AM IST

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