SC का फैसला:दहेज उत्पीड़न में आरोपियों की तुरंत हो सकेगी गिरफ्तारी
दहेज उत्पीड़न में आरोपियों की तुरंत हो सकेगी गिरफ्तारी
दहेज उत्पीड़न में आरोपियों की तुरंत हो सकेगी गिरफ्तारी(फोटो: द क्विंट)

SC का फैसला:दहेज उत्पीड़न में आरोपियों की तुरंत हो सकेगी गिरफ्तारी

दहेज उत्पीड़न केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अब दहेज उत्पीड़न के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो सकेगी. दरअसल, कोर्ट ने पिछले साल आईपीसी की धारा-498A मामले में आरोपियों की सीधी गिरफ्तारी पर रोक लगाया था और गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने पुराने में फैसले में बदलाव कर दिया. हालांकि, आरोपियों के पास अग्रिम जमानत लेने का विकल्प होगा.

कोर्ट ने कहा कि दहेज उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को निपटाने के लिए 'परिवार कल्याण कमेटी' की जरूरत अब नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट की दो जजों वाली पीठ ने फैसले में बदलाव करते हुए कहा कि सजा देने वाले कानूनों में मौजूद कमियों को संवैधानिक तौर पर भरने की अदालतों के पास कोई गुंजाइश नहीं है.

क्या है पूरा मामला?

पिछले साल जुलाई में उत्तर प्रदेश के एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न केस में तुरंत गिरफ्तारी पर गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए थे. उस वक्त जस्टिस ए.के गोयल और जस्टिस यू.यू ललित की पीठ ने कहा था कि धारा 498ए को कानून में रखने का (1983 संशोधन) मकसद पत्नी को पति या उसके परिजनों के हाथों होने वाले अत्याचार से बचाना था. वो भी तब, जब ऐसी प्रताड़ना के कारण पत्नी के आत्महत्या करने की आशंका हो.

बता दें कि धारा 498ए के तहत दोषी पाए जाने वालों को 3 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है

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