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अोवैसी ने PM को कहा ‘जालिम’, बोले- मुस्लिम इलाकों में ही ATM खाली 

ओवैसी ने कहा, ‘क्‍या एक फकीर 15 लाख का सूट पहनेगा? मोदी किस तरह के फकीर हैं जो हर रोज नए कपड़े और नई शॉल पहनते हैं.’

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जनसभा को संबोधित करते एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष  असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटोः IANS)

मोदी सरकार ने नोटबंदी लागू कर मुसलमानों को परेशानी बढ़ाई है. यह कहना है एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का. एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम इलाकों में बैंक नहीं खोले जाते हैं, बैंक खोलते हैं तो उन्हें रेड जोन करार दे देतें है, लोगों को लोन नहीं मिलता है. ओवैसी ने अारोप लगाया कि मुस्लिम इलाकों के एटीएम खाली पड़े हैं. वहां नए नोट नहीं पहुंचाए जा रहे हैं.

हैदराबाद की एक सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए मोदी को जालिम तक कह दिया.

‘एक जालिम हुक्मरान ने अपने अहंकार के लिए तबाही मचा दी’

ओवैसी ने कहा "500 और 1000 नोट बंद होने के बाद हर घर में तकलीफ है, एक जालिम हुक्मरान ने अपने अहंकार और अपने झूटी शोहरत के लिए तमाम हिंदुस्तानियों के घरों में तबाही मचा दी."

क्या कोई फकीर 15 लाख का सूट पहनता है?

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी में एक सभा में कहा था कि मेरे नोट बंदी के फैसलों से परेशानी भ्रष्टाचारियों को हो रही है. ‘पैसे वाले सोंचें, उनका क्या होगा? मेरा क्या है? फकीर आदमी हूं, झोला उठा के चल दूंगा.’ नरेंद्र मोदी के इस फकीर वाले बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा,

क्‍या एक फकीर 15 लाख का सूट पहनेगा? आप किस तरह के फकीर हैं, जो हर रोज नए कपड़े और नई शॉल नए स्‍टाइल से पहनते हैं, आप फकीर नहीं हैं, आप जालिम हैं.

तुम्हारे पाप का घरा भर चुका है

ओवैसी ने जनसभा में कहा कि जो आज बैंकों और एटीएम के बाहर लाईन में लगे हैं, वह एक दिन मोदी के खिलाफ वोटिंग के लिए भी लाईन में लगेंगे. हिंदुस्तान में कई प्रधानमंत्री आए और चले गए, तुम्हारे पाप का घरा भर चुका है.

मुख्तार अब्बास नकवी का ओवैसी पर पलटवार

ओवैसी को जवाब देते हुए बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ओवैसी से गुजारिश है कि वो हमें ऐसे एरिया के बारे में बताएं, जहां के एटीएम में कैश नहीं पहुंचता.

पहले नोटबंदी पर सियासत और अब सांप्रदायिकीकरण

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला देशहित में लिया है. नोटबंदी के बाद नोटबंदी के फैसले पर सियासत हुई और अब इसे सांप्रदायिकता का रूप दिया जा रहा है. कैशलेस सोसाइटी देश के हर नागरिक के हित में है.

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