BJP नेशनल काउंसिल की दो दिन की बैठक,इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह(फोटोः PTI)

BJP नेशनल काउंसिल की दो दिन की बैठक,इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

बीजेपी ‘‘मिशन 2019'' की शुरुआत पार्टी की नेशनल काउंसिल की बैठक से करेंगी. दिल्ली के राम लीला मैदान में 11-12 जनवरी को बीजेपी की नेशनल काउंसिल की बैठक है. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को ‘जीत' का मंत्र देंगे.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह राष्ट्रीय परिषद की बैठक का उद्घाटन करेंगे, जबकि शनिवार को बैठक के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मिशन 2019' के लिए पार्टी का मुख्य चुनावी नारा भी देंगे. यह अब तक की सबसे बड़ी नेशनल काउंसिल होगी, जिसमें देश भर से लगभग 12 हजार प्रमुख कार्यकर्ता जुटेंगे.

बैठक में इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

  • ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार पर कानून को मजबूत बनाने जैसे मोदी सरकार के कदमों पर चर्चा होगी
  • कार्यकर्ताओं को ये संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि मोदी सरकार ने समाज के हर तबके को सशक्त बनाया है. पार्टी इस बारे में विस्तार से बात करेगी
  • किसानों के लिये मोदी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर चर्चा होगी
  • गरीबों के कल्याण के लिये चलाई गई विभिन्न योजनाओं और आर्थिक विकास के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा की जाएगी
  • बैठक में राम मंदिर के मुद्दे पर भी पार्टी का रूख स्पष्ट किया जा सकता है
  • बैठक में कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकारों के साठ साल के कामकाज की तुलना भी रखी जाएगी और बताया जाएगा कि वर्तमान सरकार के दौरान कितनी तेजी से विकास हुआ है.
  • इसमें सबसे ज्यादा जोर भ्रष्टाचारमुक्त सरकार पर दिया जायेगा और कांग्रेस की पिछली सरकारों के घोटालों की तुलना करते हुए बीजेपी अपनी बेदाग सरकार को जनता के सामने लेकर जाएगी

किसानों की कर्ज माफी और राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है.

बीजेपी को 10% आरक्षण से बड़ी उम्मीद

यह बैठक समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बीच हो रही है. इसने हाल में हुए विधानसभा चुनावों में हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी को मिली हार के बाद भगवा पार्टी के मनोबल को बढ़ाया है.

बीजेपी का मानना है कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा. इससे हिंदीभाषी राज्यों में अगड़ी जाति के मतदाता पार्टी के समर्थन में आएंगे. साथ ही जाट, पाटीदार, मराठा और राजनीतिक रूप से अन्य महत्वपूर्ण समुदायों में भी उसकी अपील मजबूत होगी. पार्टी का एक हिस्सा मानता है कि अगड़ी जाति के मतदाताओं के आक्रोश का खामियाजा उसे हालिया विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा.

बैठक में बागियों पर भी होगी बात?

इस बारे में पूछे जाने पर बीजेपी मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने को बताया था कि यह देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं का ‘महासंगम' होगा जहां से हम अपने विजय अभियान की शुरूआत करेंगे.

उन्होंने कहा था कि इस बैठक में हर प्रदेश से पार्टी कार्यकर्ता आयेंगे. बैठक के दौरान प्रस्ताव भी पास होंगे. यह बैठक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से तेलगू देशम पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, असम गण परिषद के अलग होने और शिवसेना, अपना दल (एस), ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के साथ तल्ख रिश्तों की पृष्ठभूमि में हो रही है.

हर लोकसभा क्षेत्र के दस प्रमुख नेता लेंगे हिस्सा

यह पहला मौका है जब बीजेपी अपनी नेशनल काउंसिल की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है. इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे. बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों और महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है. बैठक में राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों समेत तीन प्रमुख प्रस्तावों के पारित किए जाने की संभावना है.

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय और राज्यों के पदाधिकारियों समेत अन्य नेता भी शामिल होंगे.

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