कोरोना पर उद्धव ने PM को कॉल किया तो बताया गया-बंगाल में बिजी हैं

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा- कंपनयों को लाइसेंस रद्द करने की दी गई चेतावनी

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एनसीपी नेता नवाब मलिक
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देशभर में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है. इस बीच अब एक बार फिर कोरोना के गंभीर मरीजों को दिए जाने वाले इंजेक्शन रेमडेसिविर को लेकर भी मारामारी तेज हो चुकी है. इसे लेकर अब महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नवाब मलिक का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से रेमडेसिविर सप्लाई करने वाली तमाम कंपिनियों से कहा गया कि वो महाराष्ट्र सरकार को इंजेक्शन सप्लाई न करे. ऐसा करने पर कंपनियों को लाइसेंस रद्द करने की भी चेतावनी दी गई.

रेमडेसिविर को लेकर केंद्र पर हमला

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने इन आरोपों को लेकर कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि,

“16 ऐसी कंपनियां हैं जो रेमडेसिविर का एक्सपोर्ट करती हैं, इन कंपनियों के पास 20 लाख रेमडेसिविर के इंजेक्शन हैं. अब जब सरकार ने एक्सपोर्ट पर बैन लगा दिया है तो ये कंपनियां देश में दवा बेचने की मंजूरी मांग रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इससे साफ इनकार कर रही है. सरकार का कहना है कि सिर्फ 7 कंपनियां इसे बेच सकती हैं, जो इसका प्रोडक्शन कर रही हैं. इन 7 कंपिनियों ने भी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है.”

इसके अलावा नवाब मलिक ने प्रधानमंत्री पर भी हमला बोला है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि, जब रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कमी को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री से बात करने की कोशिश की, तो उन्हें ये बताया गया कि पीएम चुनावी दौरे पर पश्चिम बंगाल गए हैं. मलिक ने आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर में लोग कोरोना से मर रहे हैं और पीएम चुनावी रैलियां कर रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री ने मांगे सबूत

नवाब मलिक के इन आरोपों को लेकर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने भी ट्वीट किया. उन्होंने नवाब मलिक के दावे को चौंकाने वाला और झूठा करार दिया. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार राज्यों को रेमडेसिविर पहुंचाने का काम कर रही है. साथ ही इसका प्रोडक्शन भी दोगुना किया जा रहा है. इंजेक्शन की बिक्री को मंजूरी नहीं देने वाले आरोप पर केंद्रीय मंत्री ने मलिक से सबूत पेश करने की मांग की. उन्होंने कहा कि आप हमें इन सभी कंपनियों की लिस्ट उपलब्ध कराएं.

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